नई दिल्ली/नोएडा/उमा सक्सेना/- सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की दर्दनाक मौत के मामले में जांच तेज हो गई है। राज्य सरकार के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने औपचारिक रूप से जांच शुरू कर दी है। एसआईटी की टीम नोएडा प्राधिकरण पहुंची, जहां अधिकारियों से जरूरी दस्तावेज और जानकारी जुटाई गई। करीब दो घंटे तक प्राधिकरण कार्यालय में पड़ताल के बाद टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई। एसआईटी को पांच दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार की सख्ती, नोएडा सीईओ हटाए गए
घटना के बाद बढ़ते जनआक्रोश को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) लोकेश एम को पद से हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री के आदेश पर इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया, ताकि लापरवाही के जिम्मेदारों को चिन्हित किया जा सके।
एडीजी मेरठ के नेतृत्व में जांच टीम
एसआईटी का नेतृत्व एडीजी जोन मेरठ कर रहे हैं। उनके साथ मेरठ मंडलायुक्त और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मुख्य अभियंता को भी टीम में शामिल किया गया है। जांच दल को हादसे के कारणों, संबंधित विभागों की भूमिका, निर्माण कार्य में हुई लापरवाही और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिल्डर गिरफ्तार, पुलिस की कार्रवाई तेज
मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए एमजेड विजटाउन परियोजना के मालिक और बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है।
जलभराव और अव्यवस्था बनी हादसे की वजह
यह हादसा ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 क्षेत्र में हुआ, जहां भारी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बनी हुई थी। इसी दौरान सड़क किनारे बने मॉल के बेसमेंट के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में पानी भर गया। युवराज की कार पानी से भरे उसी गड्ढे या अंडरपास में फंस गई, जिससे वह बाहर नहीं निकल सके और उनकी दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने प्रशासन, विकास प्राधिकरण और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जलनिकासी और सुरक्षा इंतजामों की भी होगी जांच
एसआईटी जलनिकासी व्यवस्था, सड़क निर्माण की गुणवत्ता, चेतावनी संकेतों की मौजूदगी और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की भी जांच करेगी। यह भी देखा जाएगा कि समय रहते सुरक्षा उपाय क्यों नहीं किए गए और हादसे को टालने के लिए कौन-कौन जिम्मेदार था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली मौत की सच्चाई
युवराज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सामने आ चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार उनकी मौत का कारण दम घुटना बताया गया है। डॉक्टरों ने पाया कि उनके फेफड़ों में लगभग साढ़े तीन लीटर पानी भरा हुआ था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह लंबे समय तक पानी में फंसे रहे।
दम घुटने के साथ हार्ट फेलियर बना कारण
चिकित्सकों की रिपोर्ट के मुताबिक पानी में लंबे समय तक रहने से ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे दम घुटने की स्थिति बनी। शरीर पर अत्यधिक दबाव पड़ने के कारण हार्ट फेलियर भी हुआ, जो युवराज की मौत का तत्काल कारण बना।


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