नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- जनवरी 2025 में आयोजित होने वाला अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम आरजेएस पीबीएच के सकारात्मक भारत-उदय वैश्विक आंदोलन को विश्वभर में प्रसारित करने का एक अनूठा अवसर साबित होगा। आरजेएस पीबीएच के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक उदय मन्ना के नेतृत्व में 25 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय आयोजन समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें 15 जनवरी 2025 को दिल्ली में “आरजेएस – एनआरआई मीडिया कॉन्फ्रेंस” और प्रवासी भारतीयों का सम्मान करने का निर्णय लिया गया।
इस बैठक में प्रोफेसर बिजोन कुमार मिश्रा, डॉ. हरिसिंह पाल, प्रफुल्ल डी शेठ, राजेंद्र सिंह कुशवाहा, सुरजीत सिंह दीदेवार, स्वीटी पॉल, सुदीप साहू, इशहाक खान और पीतम सिंह जैसे प्रमुख सदस्यों ने भाग लिया और कार्यक्रम के आयोजन के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। आरजेएस पीबीएच की ओर से जारी एक बयान में बताया गया है कि भारत सरकार का प्रवासी भारतीय सम्मेलन 8 से 10 जनवरी 2025 को ओडिशा के भुवनेश्वर में होगा। इसी संदर्भ में, आरजेएस पीबीएच ने दिल्ली में 19 जनवरी 2025 को आरजेएस-एनआरआई कॉन्फ्रेंस और “ग्रंथ 04” के लोकार्पण का आयोजन करने की घोषणा की है। इस अवसर पर 200 लोगों के मध्य 200 पृष्ठों का विशेष “अमृत काल का सकारात्मक भारत-उदय ग्रंथ 04” लोकार्पित किया जाएगा।
आरजेएस पीबीएच की ओर से अपील की गई है कि सभी आरजेसियंस इस आयोजन में सहयोग प्रदान करें और अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। संगठन का उद्देश्य वर्ष 2047 तक सकारात्मक भारत-उदय आंदोलन को जारी रखना है, जिसमें नए-नए प्रयोग और कार्य शामिल किए गए हैं। राजेंद्र सिंह कुशवाहा के सहयोग से अक्टूबर के अंत में एक न्यूज़लेटर भी जारी किया जाएगा, और चौधरी इंद्राज सिंह सैनी के सहयोग से आरजेएस पीबीएच की वेबसाइट www.rjspbh.com का भी शुभारंभ किया जा चुका है।
आरजेएस पीबीएच का यह मंच सभी उन लोगों के लिए खुला है जो भारत और विश्व के लिए सकारात्मक बदलाव चाहते हैं। संगठन की मंशा है कि राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर “राष्ट्र प्रथम, भारत एक परिवार, विश्व एक घर” की भावना से प्रेरित सकारात्मक संवाद का आयोजन हो।
इस कार्यक्रम में आरजेएस पीबीएच सकारात्मक मीडिया के रूप में समकालीन मानवता और बायोस्फीयर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का विकल्प प्रदान करेगा। यह मंच वसुधैव कुटुंबकम की भावना से सभी को सकारात्मक योगदान देने का निमंत्रण देता है।


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