नई दिल्ली/- सकारात्मक भारत-उदय वैश्विक आंदोलन के अंतर्गत राम-जानकी संस्थान पाॅजिटिव ब्राॅडकास्टिंग हाउस (आरजेएस पीबीएच) और आरजेएस पॉजिटिव मीडिया के संयुक्त तत्वावधान में आरजेएस युवा टोली, पटना ने 2 दिसंबर 2024 को राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया। इस कार्यक्रम में प्रदूषण नियंत्रण के महत्व पर गहरी चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम की शुरुआत गायत्री मंत्र और सरस्वती वंदना से की गई। आरजेएस युवा टोली के प्रभारी साधक ओमप्रकाश ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और प्रदूषण नियंत्रण के लिए गीता ज्ञान तथा अध्यात्मिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण से बचने के लिए हमें सकारात्मक सोच और समर्पित प्रयासों की आवश्यकता है। इस अवसर पर आरजेएस पीबीएच न्यूज़ लेटर के अतिथि संपादक राजेंद्र सिंह कुशवाहा ने जानकारी दी कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को आरजेएस पीबीएच का ग्रंथ 03 भेंट किया गया, जिसमें प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाने के लिए सकारात्मक चर्चा की गई।
मुख्य अतिथि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ वैज्ञानिक, पूर्व एडिशनल डायरेक्टर डा. दीपांकर साहा ने ग्लोबल वार्मिंग और मौसम के पैटर्न में हो रहे बदलावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि मौसम की मौसमी समय सीमा में बदलाव हो रहा है, जिसके कारण प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने प्रदूषण से मुक्ति पाने के लिए नीतिगत बदलाव, सकारात्मक कदम और समर्पित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया और कहा कि मिट्टी और धूल का हमारे स्वास्थ्य पर गहरा असर होता है।
मुख्य वक्ता डा. एम शाह हुसैन, इंचार्ज अरावली और नीला हॉज बायोडायवर्सिटी पार्क, दिल्ली विकास प्राधिकरण ने भी प्रदूषण नियंत्रण के महत्व पर बात की। उन्होंने कहा कि भविष्य में शहरीकरण की बढ़ती दर को देखते हुए पर्यावरण संबंधी शिक्षा और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में अरावली पार्क में सात लाख पेड़-पौधे लगाए गए हैं और इस पार्क में तितलियां और जुगनू दिखाई देते हैं, जो स्वच्छ पर्यावरण का प्रतीक हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तरी सत्र में सुदीप साहू, स्वीटी पॉल, रजनीकांत शुक्ल, बैभव भारद्वाज आदि ने भाग लिया। आईटीपीओ की पूर्व प्रबंधक स्वीटी पॉल ने अपने माता-पिता की स्मृति में 5 दिसंबर को आयोजित “बुजुर्गों की देखभाल” पर आरजेएस पीबीएच वेबिनार में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
अंत में, आरजेएस युवा टोली के प्रभारी साधक ओमप्रकाश के आध्यात्मिक मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह कार्यक्रम न केवल प्रदूषण नियंत्रण के महत्व को उजागर करता है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित भी करता है।


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