नजफगढ़ मेट्रो न्यूज़/ नई दिल्ली/ मानसी शर्मा – इनसे कई बीमारियां धीरे-धीरे पनपने लगती हैं। टैटू बनवाने के दौरान मशीन के द्वारा त्वचा में छेद किया जाता है जिसके बाद मशीन में लगी नीडिल के माध्यम से शरीर में इंक इंजेक्ट की जाती है, जो कि हमें बाद में विभिन्न- विभिन्न रंगो में बनवाये गए टैटू के माध्यम से दिखाई पड़ती है।
शरीर पर टैटू के कुछ दुष्प्रभाव
जिन यंत्रों का इस्तेमाल टैटूज बनाने के लिए किया जाता है। अगर वो संक्रमित रक्त से प्रदूषित हैं, तो आप कई रक्तजनित रोगों के संपर्क में आ सकते हैं।टैटू के कारण कैलोइड्स हो सकता है, स्कार टिशु की ओवरग्रोथ के कारण यह क्षेत्र आस पास के क्षेत्र से ऊंचा उठ जाता है। टैटूज बनवाने के कारण त्वचा कट जाती है, इससे त्वचा का संक्रमण और ट्यूबरक्लोसिस और दूसरी संभावित समस्या हो सकती हैं


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