कोरोना के नये वैरियंट से दहशत बढ़ी, सरकार सतर्क

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कोरोना के नये वैरियंट से दहशत बढ़ी, सरकार सतर्क

-पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंधों में ढील का रिव्यू करने को कहा, 2 घंटे चली मोदी की मीटिंग

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- विश्व के कई देशों में तेजी से फैल रहे कोरोना के नये वैरियंट ओमिक्रॉन से बचाव के लिए नाकेबंदी शुरू हो गई है। इस वैरियंट को सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में देखा गया था जिसके चलते अब देश में भी ओमिक्रॉन की दहशत साफ दिख रही है। जिसके चलते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अधिकारियों संग मीटिंग कर अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंधों में ढील पर रिव्यू करने को कहा है। इस दो घंटे चली मीटिंग में पीएम मोदी को अधिकारियों ने देश में किये जा रहे प्रबंधों से अवगत कराते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह से सतर्क है और हम इस बार कोई चूक नही होने देना चाहते। भारत के लिए इसके प्रभावों पर भी चर्चा की गई. पीएम ने नए वेरिएंट को ध्यान में रखते हुए एक्टिव रहने की जरूरत पर जोर दिया।
                बी.1.1.529 वैरिएंट के म्युटेशन ने चिंता बढ़ाई है। इसमें 50 म्युटेशन पाए गए हैं, जो विज्ञानियों के अनुमान से कहीं ज्यादा है। इनमें से कई म्युटेशन इम्यून सिस्टम को प्रभावित करने में सक्षम हो सकते हैं। इस वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में 30 से ज्यादा म्युटेशन पाए गए हैं, जो डेल्टा से करीब दोगुना है। स्पाइक प्रोटीन की मदद से ही वायरस मनुष्य की कोशिकाओं में प्रवेश करता है। टीके भी स्पाइक प्रोटीन को ही निशाना बनाते हैं। विज्ञानियों का कहना है कि वैरिएंट में इतने म्युटेशन हैं कि शुरुआती वायरस को ध्यान में रखकर बनाए गए टीकों का प्रभाव इस पर कम हो सकता है।
                   दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस के नये वेरिएंट का पता चलने और इसे लेकर दुनिया भर में पैदा हुई आशंकाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोविड-19 की ताजा स्थिति और जारी टीकाकरण अभियान की समीक्षा के लिए शनिवार को एक अहम बैठक की. डिजिटल माध्यम से हुई। इस बैठक में कैबिनेट सचिव राजीव गाउबा, प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पी के मिश्रा, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल सहित कुछ अन्य अधिकारी मौजूद थे।
            प्रधानमंत्री ने सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रा से लौटने वालों की निगरानी करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने दिशा-निर्देशों के मुताबिक सभी की टेस्टिंग, ‘जोखिम में’ पहचाने गए देशों पर विशेष ध्यान देने की बात कही। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से उभरते नए साक्ष्यों के आधार पर अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंधों में ढील देने की योजना की समीक्षा के लिए भी कहा है।
                प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों को अधिक सतर्क रहने, मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग जैसी उचित सावधानी बरतने की जरूरत है. पीएम मोदी ने अधिकारियों के साथ हुई इस मीटिंग में ये भी कहा कि दूसरी डोज की कवरेज भी बढ़ाने की जरूरत है. प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर संवेदनशील होना चाहिए कि जिन लोगों को पहली डोज मिली है उन्हें दूसरी डोज भी समय पर दी जाए.
                दक्षिण अफ्रीका में मिला कोरोना का नया वैरिएंट तेजी से दुनिया में फैल रहा है। हॉन्गकॉन्ग और बोत्सवाना के बाद शुक्रवार को इजराइल और बेल्जियम में भी नए वैरिएंट से संक्रमित लोग मिले हैं। इसके बाद ब्रिटेन, ऑस्ट्रिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली और नीदरलैंड ने अफ्रीकी देशों से आनी वाली फ्लाइट्स पर बैन लगा दिया। अब अमेरिका, सऊदी अरब, श्रीलंका, ब्राजील समेत कई देशों ने भी अफ्रीकी देशों की फ्लाइट बैन कर दी है। हालांकि, दक्षिण अफ्रीकी स्वास्थ्य मंत्री ने इन बैन को अनुचित बताया है।
                 अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि सोमवार से दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना, जिम्बाब्वे, नामीबिया, लेसोथो, एस्वातिनी, मोजाम्बिक और मलावी से एयर ट्रैवल रोक कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी प्रशासन अभी भी इस नए वैरिएंट के बारे में जानकारी जुटा रहा है। साथ ही उन्होंने अमेरिकियों और दुनिया के अन्य देशों के लोगों से अपील की कि वे वैक्सीन लगवाएं। वहीं, न्यूयॉर्क गवर्नर कैथी होचुल ने ने राज्य में इमरजेंसी लागू कर दी है।
                भारत ने अब तक किसी देश की फ्लाइट पर बैन नहीं लगाया है, लेकिन दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरिशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, इजरायल, हॉन्गकॉन्ग और ब्रिटेन समेत यूरोप के कुछ देशों से आने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने शनिवार को बताया कि दक्षिण अफ्रीका से लौटने वाले हर व्यक्ति को मुंबई आने पर क्वारैन्टाइन किया जाएगा। साथ ही उनके सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएंगे। वहीं, गुजरात में ऐसे यात्रियों का त्ज्-च्ब्त् जरूरी होगा।
                 जापान ने अफ्रीकी देशों के यात्रियों के लिए नियमों को कड़ा किया है। 27 नवंबर से इन देशों के यात्रियों के लिए 10 दिनों का क्वारैंटाइन अनिवार्य किया गया है। मिस्र, सिंगापुर मलेशिया, दुबई, सऊदी अरब, जॉर्डन ने भी सातों अफ्रीकी देशों पर ऐसे ही प्रतिबंध लगाए हैं। ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य मंत्री ग्रेग हंट ने शनिवार को कहा कि सुरक्षा के लिहाज से नौ अफ्रीकी देशों से सभी फ्लाइट्स को 14 दिनों के लिए बैन किया जाएगा।
                दक्षिण अफ्रीकी स्वास्थ्य मंत्री जो फाला ने शुक्रवार को देशों के इस फैसले को अनुचित बताया है। उनका कहना है कि ऐसा कोई सबूत नहीं है कि यह वैरिएंट पिछले वैरिएंट्स से ज्यादा खतरनाक है और वैक्सीन को भी मात दे सकता है। ऐसे ट्रैवल बैन वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के नियमों के खिलाफ है।

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