किसान आंदोलन में नये नेता के रूप में उभरे राकेश टिकैत

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 25, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

किसान आंदोलन में नये नेता के रूप में उभरे राकेश टिकैत

किसान आंदोलन में नये नेता के रूप में उभरे राकेश टिकैत

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/सिंधु बार्डर/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कृषि कानूनों पर दिल्ली के बार्डरों पर बैठे पंजाब के किसानों को अब नेतृत्व निकलने का डर सताने लगा है। इन बिलों के विरोध में किसानों का आंदोलन पंजाब से शुरू हुआ था लेकिन 26 जनवरी की घटना के बाद सिंघु और टीकरी बॉर्डर से पंजाब के किसान गांवों को लौटने लगे थे। इसके बाद यूपी के किसान नेता राकेश टिकैत ऐसे टिके कि आंदोलन पंजाब के हाथों से फिसलकर पश्चिमी यूपी के किसानों के पाले में जाने लगा। पंजाब के किसान जत्थेबंदियों को डर सता रहा था कि कहीं पश्चिमी यूपी के किसान संगठन ही देश के किसानों के हीरो न बन जाएं। यही कारण है कि पंजाब में पहली बार महापंचायत का आयोजन किया गया।  
राकेश टिकैत की बढ़ती लोकप्रियता से घबराए पंजाब के किसान संगठनों ने पंजाब में किलेबंदी मजबूत करनी शुरू कर दी है। हरियाणा में राकेश टिकैत की ताबड़तोड़ किसान महापंचायतें देख अब पंजाब के किसान नेताओं ने राज्य में किसान महापंचायतें शुरू कर दी हैं। पंजाब में महापंचायतें कर जहां किसान नेता अपनी जमीन दोबारा मजबूत कर रहे हैं, वहीं रणनीति बना रहे हैं कि पंजाब से निकला आंदोलन पश्चिमी यूपी के राकेश टिकैत के हाथ न चला जाए।
11 फरवरी को जगरांव में सर्वसमाज की पहली महापंचायत में हजारों किसानों, मजदूरों, आढ़तियों, महिलाओं, बुजुर्गों और विभिन्न समर्थक संगठनों, बार एसोसिएशन के सदस्यों व बुद्धिजीवियों ने भाग लेकर कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन किया और अपनी ताकत दिखाई। 
जगरांव में पंजाब की पहली महापंचायत हुई थी, जिससे किसानों में जमीनी स्तर पर दोबारा जान आने लगी है। महापंचायत के जरिये पंजाब के किसान नेता अब 26 जनवरी की घटना की सफाई भी दे रहे हैं और उनको अपनी आवाज बुलंद करने का मंच भी मिलने लगा है।
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि 26 जनवरी को जिन नौजवानों की गिरफ्तारी हुई है, उन्हें छुड़वाने के लिए वकीलों की एक कमेटी गठित की गई है, जो इन किसानों के केस मुफ्त लड़ेगी। जेल में बंद नौजवानों के खाने-पीने के सामान का बिल संयुक्त किसान मोर्चा कमेटी देगी। उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा व यूपी के लोगों का खेती के काले कानूनों के खिलाफ गुस्सा महापंचायत का रूप धारण कर गया है। पंजाब के किसान नेता उत्साह से दोबारा लबरेज होने लगे हैं और पंजाब में महापंचायतें कर 26 जनवरी से पहले का माहौल तैयार कर रहे हैं।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox