पीएम मोदी ने देश को समर्पित की रोहतांग दर्रे की अटल टनल

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 24, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

पीएम मोदी ने देश को समर्पित की रोहतांग दर्रे की अटल टनल

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/कुल्लू/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को हिमाचल के मनाली में रोहतांग दर्रे पर 3500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी देश की सबसे लंबी अटल टनल देश को समर्पित कर दिया है। प्रधानमंत्री आज सुबह हेलीकाप्टर से मनाली पहुंचे। उनके साथ इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, हिमाचल के सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे। हिमाचल के सीएम जयराम ठाकुर और सीडीएस बिपिन रावत, आर्मी चीफ नरवणे भी वहां उपस्थित थे। टनल के द्वार पर पहुंचने के बाद पीएम ने विशिष्ट लोगों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने रिमोट के जरिए उद्घाटन पट्टिका से पर्दा हटाया। औपचारिक फोटो होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुरंग में अकेले ही अवलोकन के लिये निकल गये।
उल्लेखनीय है कि इस टनल के शुरु होने के साथ ही हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी के लोगों को करीब 6 माह की बर्फ की कैद से आजादी मिल जायेगी। शीत मरुस्थल कहे जाने वाले लाहौल स्पिति की जिंदगी भी बदल जायेगी। 3500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी रोहतांग सुरंग दुनिया की 10 हजार फुट से अधिक की ऊंचाई पर बनी कुछ गिनी-चुनी सुरंगों में से सबसे लम्बी सुरंग है। इस सुरंग की लम्बाई 9.02 किलोमीटर है। सीमा सड़क संगठन के लगभग 3000 मजदूरों ने 10 साल तक इस सुरंग का निर्माण किया और इस दौरान अनेक दिक्कतों का भी उन्हें सामना करना पड़ा। इनमें से 6 दर्जन से अधिक मजदूरों को निर्माण के दौरान अपनी जान भी गंवानी पड़ी। इस सुरंग के बन जाने से सबसे अधिक फायदा सेना को होगा क्योंकि सेना के लिए साजो-सामान और रसद इस सुरंग के बन जाने से लेह-लद्दाख पहुंचाना काफी आसान हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस सुरंग का नींव पत्थर उस समय की संप्रग सरकार की चेयरपर्सन सोनिया गांधी द्वारा 28 जून, 2010 को किया गया था।
रोहतांग सुरंग कई मायनों में इंजीनियरिंग की दृष्टि से बेमिसाल है। दुनिया की अनूठी सुरंगों में इसका नाम शुमार होने जा रहा है। 9 किलोमीटर से अधिक लम्बी इस सुरंग में ट्रैफिक के लिए डबल लेन बनाई गई है, जिसकी चैड़ाई 11.25 मीटर है। जिस रोहतांग दर्रे को पार करने में लोगों का खून जम जाता था, उसके नीचे से लोग कुछ ही मिनटों में दूसरी दुनिया में पहुंच जाएंगे। आपात स्थिति में इस सुरंग से बाहर निकलने के लिए इसी सुरंग के नीचे एक और सुरंग बनाई गई है, जिसमें छोटी गाडियां आसानी से एक छोर से दूसरे छोर तक जा सकती हैं। टनल में वाहन 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकते हैं। सुरंग में जगह जगह सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं। भीतर एमरजेंस फोन की भी सुविधा दी गयी है।
इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि यह सुरंग उन स्थानीय नागरिकों को समर्पित है जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी इसके निर्माण में अपना बड़ा योगदान दिया है। साथ ही सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों और युवाओं को, जिन्होंने राष्ट्र को जोडने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। यह टनल स्थानीय लोगों को साल भर कनेक्टिविटी प्रदान कर रोजगार आदि के असीमित अवसर प्रदान करेगी। हमारे कुल्लू क्षेत्र के जनजातीय भाई-बहन दस्तकारी की कला में अद्भुत हैं। अब वह पूरे साल कभी भी ऊपर क्षेत्रों में जाकर अपना व्यापार बढ़ा सकते हैं।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox