नई खोजः कोरोना वायरस को बढ़ने से रोकेगी नई दवा, वैज्ञानिकों का दावा

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नई खोजः कोरोना वायरस को बढ़ने से रोकेगी नई दवा, वैज्ञानिकों का दावा

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/अमेरिका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कोरोना वायरस को काबू में करने के लिए अभी तक कोई दवा सामने नही आई है लेकिन एक नये शोध के अनुसार वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस को बढ़ने से रोकने के लिए नई दवा खोजने का दावा किया है। शोध के मुताबिक, पहचान की गई इन दवाओं में मौजूद तत्वों ने वायरस के प्रोटीन से लड़कर उसे आगे बढ़ने से रोक दिया। जिसे देखते हुए वैज्ञानिकों का दावा है कि जल्द ही कोरोना की वैक्सीन भी बना ली जायेगी।
इन दवाओं में हेपेटाइटिस सी की बोसेप्रिविर और वेटनरी एंटीवायरल जीसी-376 शामिल हैं। फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक, इन दवाओं में मौजूद तत्वों ने कोरोना वायरस के मुख्य प्रोटीन एमप्रो (एंजाइम) पर हमला बोला और उसके विस्तार की क्षमता को सीमित कर दिया। शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि कोरोना वायरस अपने मुख्य प्रोटीन एमप्रो के बिना न तो अपनी तरह के नए रूप बना सकता है और न ही इंसान की नई कोशिकाओं को ही संक्रमित कर सकता है। ऐसे में वायरस के बढ़ने की क्षमता कम हो जाएगी, जिससे इंसान को जल्दी स्वस्थ हो जाएगा। साथ ही इस वायरस की वजह से इंसानों के मरने की आशंका भी काफी हद तक कम हो जाएगी। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस एमप्रो (एंजाइम) को पहले ही सार्स और मर्स वायरस के लिए एंटीवायरल ड्रग टारगेट के रूप में मान्य किया गया था। ये दोनों ही आनुवंशिक रूप से कोरोना वायरस से मिलते-जुलते हैं। दरअसल, यही एंजाइम यह निर्धारित करता है कि वायरस कितनी देर तक जिंदा रहेगा और सबसे खास बात कि ऐसे प्रोटीन पर हमला करने वाली दवाओं से शरीर को कोई नुकसान भी नहीं पहुंचता।
फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर यु चेन का कहना है कि कोरोना वायरस जैसी तेजी से उभरती संक्रामक बीमारी के लिए अभी नई एंटीवायरल दवाएं विकसित करने का समय नहीं है। पहले से ही कई दवाओं पर इस संबंध में काम चल रहा है, लेकिन नए अध्ययनों और इस नई जानकारी के साथ हम बेहतर दवाओं को बहुत तेजी से विकसित करने में मदद कर सकते हैं।

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