स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना पर नई डिस्चार्ज पॉलिसी की जारी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 9, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना पर नई डिस्चार्ज पॉलिसी की जारी

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना मरीजों के अस्पतालों से छुट्टी को लेकर नई संशोधित डिस्‍चार्ज पॉलिसी जारी की है। कोरोना वायरस की संशोधित पॉलिसी में कहा गया है कि अगर मरीज में कोई लक्षण नजर नहीं आता है, तो उसे दस दिनों के बाद अस्‍पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। पूर्व में कई मरीजों को 14 दिनों तक अस्पताल में रखा जाता रहा है। इसके बाद कोरोना मरीजों को 7 दिनों के लिए अपने घर में खुद को आइसोलेट करने होगा। जहां तक गंभीर मरीजों की बात है तो उनका फैसला डॉक्टर करेंगे। अगर किसी शख्‍स को अस्‍पताल से डिस्‍चार्ज होने के बाद बुखार, खांसी या सांस लेने जैसी परेशानी होती है, तो वह कोविड केयर सेंटर, राज्‍य के हेल्‍पलाइन नंबर या 1075 पर संपर्क कर सकता है।
                                            स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी नई पॉलिसी में कहा कि ऐसे मरीज जिनमें कोरोना के लक्षण हल्के या बहुत हल्‍के हैं, उन्‍हें कोविड केयर फैसिलिटी में रखा जाएगा। जहां उन्‍हें नियमित तापमान चेक और पल्‍स ऑक्सिमेट्री मॉनिटरिंग से गुजरना होगा। अगर तीन दिन तक बुखार नहीं आता है तो ऐसे मरीज को 10 दिन बाद अस्पताल से डिस्‍चार्ज किया जा सकता है। उससे पहले मरीज को किसी जांच की जरूरत भी नहीं है। हालांकि, मरीज को 7 दिन तक होम आइसोलेशन में रहना होगा। इसके अलावा, डिस्‍चार्ज से पहले अगर किसी प्वाइंट पर ऑक्‍सीजन सैचुरेशन 95 फीसदी से नीचे जाता है तो मरीज को डेडिकेटेड कोविड हेल्‍थ सेंटर ले जाया जाएगा। अस्‍पताल से डिस्‍चार्ज हुए लोगों की 14 वें दिन टेली-कॉन्फ्रेंस के माध्यम से स्वास्थ्य जांच फिर की जाएगी। आगे बताया गया है कि थोड़े गंभीर लक्षण वाले मरीजों को डेडिकेटेड कोविड हेल्‍थ सेंटर भर्ती कराया जाएगा, जहां उसे ऑक्‍सीजन के बिस्तर पर रखा जाएगा।  वहीं, कोरोना के गंभीर मरीजों पर उपरोक्त नियम नहीं लागू होंगे। ऐसे कोरोना मरीज जो ऑक्‍सीजन सपोर्ट पर हैं, उन्‍हें क्‍लिनिकल सिम्‍प्‍टम्‍स दूर होने के बाद ही डिस्‍चार्ज किया जाएगा। वही मरीज डिस्चार्ज होंगे, जो लगातार 3 दिन तक ऑक्‍सीजन सैचुरेशन मेंटेन कर पाएंगे। इसके अलावा एचआइवी और अन्‍य गंभीर बीमारियों वाले मरीजों को क्‍लिनिकल रिकवरी और आरटी-पीसीआर टेस्‍ट में नेगेटिव आने के बाद ही डिस्‍चार्ज किया जाएगा।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox