नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/देहरादून/नई दिल्ली/मनोजीत सिंह/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कोरोना महामारी के चलते देशव्यापी लाॅक डाउन व मजदूरों के पलायन को लेकर बनी स्थिति पर पूरी तरह से गड़बड़ा गई प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था को पटरी पर लाने तथा प्रदेश में दौबार सभी गतिविधियां चालु करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने का मन बन लिया है। इसके लिए शनिवार को प्रदेश के मुख्यसचिव ने देहरादून में बताया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए 11 ग्रोथ सेंटर स्थापित किए जाएंगे। जिन पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये है।
इस संबंध में उन्होने बताया कि मजदूरों के पलायन के बाद बदली परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने युवाओं को ग्रामीण अंचल में ही रोजगार प्रदान करने के लिए यह कदम उठाया है जिसके तहत आराकोट में सेब का सोर्टिंग व ग्रेडिंग सेंटर, पिथौरागढ़ के मुन्स्यारी में पक्षी पर्यटन व गार्डनिंग सेंटर स्थापित किये जायेंगे। वहीं चमोली के गैरसैंण में मसाला व देवाल में शहद, नैनीताल के कोटाबाग में शहद और आर्गेनिक उत्पाद, रामगढ़ में खाद्य प्रसंस्करण, अल्मोड़ा में नेचुरल फाईबर, ऊधमसिंहनगर के गदरपुर में मसाला, जसपुर में दुग्ध, उत्तरकाशी के रैथल में साहसिक पर्यटन सेंटरों को बढ़ावा दिया जायेगा जिससे युवाओं को रोजगार तो मिलेगा ही साथ राज्य को राजस्व की भी प्राप्ति होगी। मुख्यमंत्री इस प्रोजेक्ट पर विशेष रूप से नजर रखेंगे।


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