द्वारका साउथ पुलिस ने किया फोन पर फिरौती मांगने वाले गैंग का पर्दाफाश

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October 25, 2026

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द्वारका साउथ पुलिस ने किया फोन पर फिरौती मांगने वाले गैंग का पर्दाफाश

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- द्वारका साउथ थाना पुलिस ने संजीदगी से काम करते हुए एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो जेल से फोन कर मासूम लोगों से फिरौती मांगता था और ना देने पर अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहने की धमकी भी देता था। पुलिस ने नंदु गैंग के पांच बदमाशों व उनके मददगारों को गिरफ्तार कर गैंग का सफाया कर दिया है। इसमें पुलिस मंडोली जेल में बंद गैंग के सरगना को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों से चार फोन बरामद किये है जिसमें एक फोन बैरक से आरोपी विकास उर्फ पीके से बरामद किया है। साथ ही पुलिस ने आरोपी हनी राजपाल, प्रमोद व राजेन्द्र की व्हाटस एप चैट व फिरौती की काॅल की भी डिटेल बरामद कर ली है।
इस संबंध में द्वारका डीसीपी एंटो अलफोंस ने बताया कि डाबड़ी के सोम बाजार में रहने वाले शिकायतकर्ता नीतिन गुप्ता ने उसे फिरौती के लिए धमकी भरे फोन व मैसेज आ रहे हैं। उसने बताया कि आरोपी कहता है कि मै नंदू गैंग से बोल रहा हूं, 10 लाख का इंतजाम कर, नही तो तुझे जान से मार देंगे, पीके बक्करवाला बोल रहा हूं, तेरा टाइम खत्म हो गया है। पुलिस ने इस शिकायत पर कार्य करने के लिए एसएचओ रामनिवास के नेतृत्व में व एसीपी राजेन्द्र सिंह के दिशा निर्देंश में एक टीम का गठन किया गया जिसमें एसआई विकास यादव, महेन्द्र साइबर सेल, सुरेश कुमार, एएसआई मुरली, हवलदार संजय, योगेश, सिपाही जितेन्द्र, गजे सिंह और विक्रम की एक टीम बनाकर आरोपियों को पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
टीम ने शिकायत के आधार अपनी जांच शुरू की और फिर फिरौती के लिए आये फोन काॅलस की लोकेशन पता की। पुलिस को पता चला कि एक नंबर जगमोहन पुत्र धारा सिंह व दूसरा प्रमोद कुमार पुत्र प्रसाद के नाम से है और दोनो का पता उस्मानपुर दिखाया जा रहा है लेकिन फोन की लोकेश बुधविहार मंडोली की दिखाई जा रही है। पुलिस ने काफी कोशिश के बाद जगमोहन को पकड़ लिया और जब उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने चार सिम दो एयरटेल व दो वोडाफोन की निकलवाई थी और उन्हे प्रमोद को दे दिया था जो उस्मान पुर में एक हत्या के केस में जमानत पर आया हुआ है। पुलिस ने कार्यवाही करते हुए प्रमोद को दबौच लिया। प्रमोद ने पूछताछ में बताया कि जब वह जेल में था तो उसकी मुलाकात हनी राजपाल से हुई थी जो इस समय मंडोली जेल से गीता कालोनी में एक मर्डर के मामले में जमानत पर बाहर आया हुआ है। राजपाल उससे सिम लेता है और मंडोली जेल के हैड वार्डन राजेन्द्र को देता है जो एक सिम के 2 हजार रूपये लेकर उन्हे जगमोहन की मार्फत मंडोली जेल व खजूरी खास में भेजता है। इसी दौरान पुलिस ने सिम कार्ड डीलर से भी पूछताछ की और उससे पूरी जांच की। इसके बाद पुलिस ने राजेन्द्र सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हनी उर्फ राजपाल की व्हाटस एप चैटस व मैसेज के आधार पर विकास उर्फ पीके को जो की इस गैंग का मास्टमांइड था को भी दबौच लिया। पुलिस ने बताया कि विकास नंदू गैंग का सदस्य है और मंडोली जेल से मासूम लोगों को फिरौती के लिए फोन काॅलस करता था। पुलिस ने बताया कि आरोपी विकास उर्फ पीके पुत्र बिजेन्द्र सिंह निवासी बक्करवाला, दिल्ली जिसपर हत्या, हत्या की कोशिश, लूट, फिरोती व अवैध हथियार के 17 मामले दर्ज है। प्रमोद कुमार पुत्र दुर्गा प्रसाद निवासी न्यू उस्मानपुर दिल्ली, राजेन्द्र सिंह पुत्र रघुनाथ सिंह निवासी तिहाड़ जेल रेजिडेंशियल कम्पलेक्स हरीनगर दिल्ली, हनी राजपाल पुत्र सुरेन्द्र राजपाल निवासी गीता कालोनी दिल्ली व जगमोहन पुत्र धारा सिंह निवासी न्यू उस्मान पुर दिल्ली के रूप में आरोपियों की पहचान की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हे गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है। डीसीपी एंटो अलफोंस ने पुलिस की इस कार्यवाही पर टीम को बधाई दी है। और एक अच्छा वर्कआउट काम बताया है।

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