नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कोरोना काल में अपराध के नाम पर छाई शांति अब एक दम से टूटने लगी है और अपराधी बिना किसी खौफ के अपराधों को अंजाम दे रहे है। जिसकारण पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया है। हालांकि अधिकारियों की माने तो लाॅक डाउन के दौरान जेल से बेल पर छूटे अपराधी एक बार फिर सक्रिय हो गये है जो रोजाना अपराध कर पुलिस के लिए सरदर्द बनते जा रहे है। हालांकि पुलिस रोजाना ही ऐसे अपराधियों को पकड़कर एक बार फिर सलाखों के पिछे भेज रही है लेकिन फिर भी द्वारका जिले में अपराधों का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है।
इस संबंध में जिला पुलिस अधिकारी ने बताया कि लाॅक डाउन के दौरान जिले के 39 अपराधी जो मर्डर, डकैती, चोरी, लूट व स्नैचिंग जैसे मामलों में लिप्त थे, उन्हे प्रशासन ने बेल पर छोड़ा था। हालांकि वो कुछ दिन तो शांत रहे लेकिन जैसे अनलाॅक डाउन शुरू हुआ वैसे ही उक्त अपराधियों ने क्षेत्र में वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया है। पुलिस ने बताया कि इनमें से 14 अपराधियों को दौबारा वारदात में पकड़ लिया है। हालांकि बेल पर छूटे 39 अपराधियों में से 20 अपराधी दौबारा वारदात को अंजाम दे चुके है। जिनमें से 14 पकड़े भी गये हैं। पुलिस का कहना है कि पुलिस अपनी जान पर खेल कर अपराधियों को पकड़ती है लेकिन कानून लचीले होने की वजह से अपराधी छुट जाते है और फिर वारदातों को अंजाम देने में जुट जाते है। हालांकि एहतियात के तौर पर सभी थाना अधिकारी ऐसे अपराधियों पर नजर बनाये हुए है। वैसे भी कोरोना काल में लाॅकडाउन के दौरान भी पुलिस ने काफी अपराधियों व अवैध शराब के सप्लायरों पर शिकंजा कसा है और उन्हे पकड़कर सलाखों के पिछे भेजा है। फिर भी पुलिस का मानना है कि अपराधियों को ऐसे छोड़ना समाज के लिए काफी खतरनाक साबित हो रहा है।


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