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ठंड बढ़ने के साथ मजबूत होता जाएगा कोरोना वायरस- विशेषज्ञ

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/देहरादून/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- ठंड बढ़ने के साथ-साथ कोरोना वायरस पहले से ज्यादा मजबूत और मारक हो सकता है। इससे जहां वायरस के फैलने की दर तेज होगी, वहीं शरीर को नुकसान भी ज्यादा हो सकता है। इसको देखते हुए डॉक्टर लोगों से अपना बचाव करने की अपील कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर इस समय लापरवाही की गई तो उसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
डॉक्टरों के अनुसार सर्दियों के मौसम में वायरल बहुत तेजी से फैलता है। इस दौरान खांसी, जुकाम, बुखार के मामले भी बढ़ जाते हैं। पिछले कुछ दिनों में कोरोना के मामलों में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। इसके पीछे प्रदूषण और मौसम में बढ़ी ठंडक को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
डॉक्टरों के अनुसार पहले से ही गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज इस दौरान हाई रिस्क पर होते हैं। इसलिए ठंड बढ़ने के साथ ही डॉक्टरों की चिंता भी बढ़ती जा रही है। यही कारण है कि सर्दियों में वायरस के पहले से ज्यादा सक्रिय और मारक होने की आशंका जताई जा रही है।
कोविड-19 के मामले बढ़ने के बीच अस्पतालों में संसाधन बढ़ने का फायदा मरीजों को मिल सकता है। कोरोना की शुरुआत से अब तक अस्पतालों में आईसीयू बेड, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सप्लाई जैसी सुविधाओं में काफी अधिक बढ़ोतरी हुई है। अकेले कोविड-19 अस्पताल में आईसीयू बेड की संख्या पांच से बढ़ाकर 100 हो चुकी है। जबकि सामान्य ऑक्सीजन बेड भी 400 तक हो गए हैं। इससे डॉक्टरों को भरोसा है कि सर्दियों में मामले बढ़ने पर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है। दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना भी तैयारियां बेहतर होने का दावा कर रहे हैं।

लक्षण दिखे तो जरूर कराएं जांच
दून मेडिकल कॉलेज में टीबी एंड चेस्ट रोग विभागाध्यक्ष व कोविड-19 के नोडल अफसर डॉ. अनुराग अग्रवाल के अनुसार सर्दियों में शरीर का बचाव करना बेहद जरूरी है। विशेषकर गंभीर रोगी, जिन्हें पहले से सांस, फेफड़े, हार्ट, किडनी, डायबिटीज जैसी समस्या है, उनको विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इस दौरान किसी भी स्थिति में दवाई या वैक्सीन न छोड़ें। सामान्य खांसी, जुकाम, बुखार होने पर डॉक्टर की सलाह से दवा लें। अगर एक या दो दिन में आराम न मिले तो कोविड अस्पताल जाकर जांच जरूर कराएं।

लक्षणों से पहचान करना मुश्किल
डॉ. अनुराग अग्रवाल के अनुसार सामान्य सर्दी, जुकाम, बुखार और कोरोना में अंतर कर पाना काफी मुश्किल है। सामान्य तौर पर कोरोना के भी यही लक्षण होते हैं। हालांकि ठंड से होने वाली खांसी में बलगम बहुत अधिक निकलता है, जबकि कोरोना के दौरान ज्यादातर सूखी खांसी हो रही है। इसलिए सर्दी, जुकाम, बुखार होने की होने पर भी डॉक्टर की सलाह से दवा लेना बेहद जरूरी है।

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