नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- दिल्ली में अपेक्षा के अनुरूप कोरोना की बढौतरी नही होने और जुलाई मध्य तक ढाई लाख से सवा लाख केस रह जाने पर राहत की सांस लेते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कोरोना को लेकर एक बार फिर डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि दिल्ली में आज अनुमान से आधे केस रह गये है यह सबके प्रयासों से संभव हो पाया है। हालांकि कुछ समय पहले तक दिल्ली सरकार राजधानी में कोरोना को लेकर काफी परेशान दिखाई दे रही थी और सरकार के मंत्री दिल्ली में विस्फोटक स्थिति का आंकलन कर रहे थे। लेकिन परिस्थितियां ठीक इसके विपरीत सामने आ रही है। हालांकि भाजपा इसका श्रेय गृहमंत्री अमित शाह को दे रही है जबकि केजरीवाल अब अपनी पार्टी के बजाये सबके प्रयासों की बात कह रहे हैं।
केजरीवाल ने आगे कहा कि अगर दिल्ली सरकार कोरोना की ये लड़ाई अकेले लड़ने का फैसला करती तो हम हार जाते। इसलिए केंद्र के साथ ही हम सबके पास गए जिसमें एनजीओ और धार्मिक संस्थाएं भी हैं। मैं भाजपा और कांग्रेस समेत सभी पार्टियों का शुक्रिया अदा करता हूं। केजरीवाल ने दिल्ली में कोरोना मरीजों के लिए उपलब्ध बेड का हाल बताते हुए कहा कि, दिल्ली में कोरोना वायरस से संक्रमित 18,600 लोगों का उपचार चल रहा है, केवल 4,000 बिस्तरों पर ही मरीज हैं। कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन हमें आत्मसंतुष्ट नहीं होना है। हम तैयारियां जारी रखेंगे। केजरीवाल ने कहा कि जून के मुकाबले आज हम बेहतर स्थिति में हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि जंग जीत ली गई है। अभी रास्ता बहुत लंबा बाकी है कभी भी कोरोना फिर से बढ़ सकता है।
इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि, हमें अभी भी सावधान रहने की जरूरत है और हमेशा मास्क पहनकर घूमना है, सामाजिक दूरी बनाए रखनी है और हाथ धोते रहना है, अपनी सुरक्षा अपने हाथ में हैं।


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