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लद्दाख पर चीन का रवैया भारत के लिए चिंता का विषय

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- सैन्य वार्ताओं के कई दौर होने के बावजूद चीन लद्दाख के कुछ हिस्सों में जमा बैठा है और बंकर व दूसरे निर्माण के सहारे अपनी स्थिति मजबूत करने में लगा है। चीन के अड़ियल रूख व फिंगर एरिया, डेपसांग और गोगरा में पीछे नही हटने को लेकर भारत के लिए चिंता विषय बना हुआ है। ऐसे में आगे की योजना के लिए भारत के शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेता अब नई रणनीति पर बैठक करेंगे। बता दें कि चीनी सैनिक फिंगर एरिया में तीन महीने से ज्यादा समय से मौजूद हैं और बंकर निर्माण करने के साथ अपनी स्थिति भी मजबूत कर रहे हैं।
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार सूत्रों ने कहा, पूर्वी लद्दाख में वर्तमान स्थिति से निपटने के लिए, जहां चीनी सैनिक कई स्थानों पर आगे बढ़ आए हैं, शीर्ष राजनीतिक नेताओं की सैन्य नेताओं के साथ बैठक तय हुई है। बैठक में इस बात पर चर्चा होने की संभावना है कि उन स्थितियों से कैसे निपटा जाए जहां चीनी सैनिकों ने कठोर रुख अपना रखा है और भारतीय सैनिकों के साथ झड़पों में शामिल रहे हैं। देश के वरिष्ठ नेतृत्व की यह बैठक चीन और भारत के बीच हुई दौलतबेग ओल्डी में हुई मेजर जनरल स्तर की वार्ता के करीब एक सप्ताह होने जा रही है। इस वार्ता के दौरान भारतीय पक्ष ने चीनी पक्ष से कहा था कि वह पैट्रोलिंग प्वाइंट 10, 11, 12 और 13 पर भारतीय पैट्रोल में बाधा उत्पन्न करना बंद करें। बता दें कि बीते कुछ महीनों से भारत और चीन के बीच सैन्य तनाव चरम पर है।
चीन अभी भी भारत पर दबाव बनाने की कोशिश में है लेकिन भारत ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। चीनी पक्ष मांग कर रहा है कि भारत को दौलतबेग ओल्डी और पूर्वी लद्दाख सेक्टर में पीछे हटना चाहिए। लेकिन, भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत की ओर से किया गया निर्माण कार्य चीन के कदमों को देखते हुए किया गया है और यह भारतीय क्षेत्र में आता है। ऐसे में भारत के पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है।
बता दें कि दौलतबेग ओल्डी सेक्टर के सामने चीन ने भारी संख्या में सैनिक तैनात कर रखे हैं। ये सैनिक भारी और घातक हथियारों के साथ बख्तरबंद वाहनों से लैस हैं। इसके जवाब में चीन की ओर से की गई किसी भी अनावश्यक कार्रवाई से निपटने के लिए भारत ने भी अपनी तैयारियां मजबूत की हैं। भारत की तीनों सेनाएं लद्दाख में स्थिति पर नजर रख रही हैं।

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