नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/छत्तीसगढ़ /नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- छत्तीसगढ़ अपने हको के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी शिक्षकों पर बर्बरतापूर्ण पुलिस द्वारा लाठियां बरसाये जाने को लेकर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा कि पुलिस की इस बर्बरतापूर्ण कार्यवाही पर महामहिम राज्यपाल महोदया और राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग को स्वयं संज्ञान लेना चाहिए।
श्री जोगी ने कहा कि राज्य में कानून का नही बल्कि एक गिरोह का राज चल रहा है। जो उनका विरोध करता है उसे किसी भी हद तक जाकर कुचल सकता है। उन्होने कहा कि क्या निहत्थे शिक्षक अभ्यर्थियों के खिलाफ रायपुर पुलिस का इस प्रकार लाठी बरसाना मानव अधिकार का उल्लंघन नहीं है? एनएचआरसी इस घटना का स्वयं संज्ञान लेते हुए एक उच्च स्तरीय जाँच दल रायपुर भेजने की कृपा करें। छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र खतरे में है! इस सम्बंध में मैं खुद उन्हें अवगत कराऊँगा।
उन्होने कहा कि अगर उसके बाद भी माननीय मुख्यमंत्री जी कुछ नहीं करते हैं तो शिक्षक अभ्यर्थियों के विरुद्ध एफआईआर रद्द करने के लिए सीआरपीसी की धारा 482 के अंतर्गत उच्च न्यायालय की शरण में वह स्वयं जायेंगे एक वकील होने के नाते शिक्षक अभ्यर्थियों के खिलाफ गैर-कानूनी, बदले की भावना से की गई झूठी एफआईआर रद्द करने और शिक्षक भर्ती जल्दी हो के लिए वह न्यायालय से भी मांग करेंगे। उन्होने कहा कि यह अमित जोगी का वादा है कि वह इस मामले में हर सम्भव सहयोग करेंगे और एक भी शिक्षक अभ्यर्थी के ऊपर आँच भी आने नहीं देंगे।


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