नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वैलफेयर एसोसिएशन ने 1 जुलाई को ट्वीटर पर जवानों की पुरानी पैंशन बहाली की मांग को लेकर अभियान चलाया। इस अभियान की जहां हजारों अर्धसैनिक बलों के जवानों, उनके परिवारों, रिश्तेदारों व सरहदों के चैकीदारों के बीच काफी चर्चा रही वहीं सभी ने इस ट्विट को बढ़चढ़ शेयर भी किया। इस अभियान को ट्विटर पर चलाने का एसोसिएशन का मकसद कोविड-19 में सोशल मिडिया के द्वारा सरकार तक संदेश पंहुचाना है।
महासचिव रणबीर सिंह ने जोर देकर कहा कि जब सरकार धधकते कश्मीर से धारा 370 व 35 ए कश्मीर से हटा सकती है, 3 तलाक बिल संसद में पारित कर सकती हैं तो इस सीसीएस रूल्स जैसे काले कानून को हटाकर अलग से पैरामिलिट्री सर्विसेज रूल्स क्यों ना बनाए जाएं । पूरे देश की सरहदों की चाक-चैबंद चैकसी करने वाले चैंकिदारी की पैंशन क्यों नहीं जिनके बीच आए साल प्रधानमंत्री जी दिवाली मनाते हैं। आये दिन जवान शहीद हो रहे हैं और ट्वीटर पर खानापूर्ति का एक चलन सा हो गया है। क्या किसी नेता ने पुलवामा या छत्तीसगढ़ में शहीद हुए जवानों के घर जाकर पीड़ित परिवारों की खैर-खबर ली। देश के सामने एक गंभीर चिंतनीय विषय कि विधायक व सांसद चार-चार पैंशन लेकर मालामाल और सरहदों के चैकीदारों का हाल-बेहाल। जब मंत्री संतरी के प्रति दगा करे तो क्या बितेगी अर्धसैनिक बलों पर। आने वाले बिहार व अन्य राज्यों के चुनाव में अर्धसैनिक बलों के जवान व राज्य सरकार के कर्मचारी एक निर्णायक भूमिका निभाएंगे वोट उसी पार्टी को जो अपने चुनावी घोषणापत्र में पुरानी पैंशन बहाली की घोषणा करे।


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