
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/चंडीगढ़/नई दिल्ली/सिद्धार्थ राव/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी ने कहा कि भाजपा सरकार ने चुनाव के दौरान किसानों की 2022 तक आमदनी दुगुुनी करने का वायदा किया था। साथ ही भाजपा ने कहा था कि अगर वह सत्ता में आई तो स्वामीनाथन रिर्पाट की सभी शर्ते लागू करेगी। लेकिन सत्ता में आते ही न केवल भाजपा अपने बयान से पलट गई बल्कि उच्चतम न्यायालय में हलफनामा देकर भाजपा ने कहा कि स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू नहीं की जा सकती। जिसको देखते हुए यही लगता है कि भाजपा एक सत्ता प्रस्त पार्टी है जिसकी कथनी व करनी में दिन रात का अंतर है। हालांकि आज किसानों को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार दावे तो बड़े-बड़े कर रही है लेकिन किसानों को लेकर कृषि आधारित योजनाओं के पोर्टल ही किसानों को भ्रमित कर रहे है और सरकार खामोश है।
प्रदेशाध्यक्ष श्री राठी ने बताया कि इस भावांतर किसान योजना में अनेक कमियां हैं जिसकी वजह से किसानों के लिए लाभप्रद नहीं है। योजना बनाना तो बहुत आसान है परंतु उनको लागू करना भाजपा के बस की बात नहीं। भाजपा की नीतियां हमेशा ही किसान विरोधी रही हैं। बेशक सरसों, गेहूं व बाजरा आदि की खरीद का मामला हो, भाजपा ने हमेशा ही किसान को लूटा है। धान का घोटाला सभी के सामने है जिसमें दो सौ रुपए से लेकर तीन सौ रुपए तक प्रति क्विंटल किसानों को खरीद एजेंसियों व सरकार के चहेतों ने चूना लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार की सहयोगी पार्टी जजपा चुनाव से पहले वादा करती थी कि अगर वह सत्ता में आई तो पहली कलम से स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू की जाएगी और किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। परंतु सत्ता के भागीदार होने के पश्चात जजपा को भी भाजपा का रंग चढ़ गया है और उनको किसानों की मुश्किलों से कोई वास्ता नहीं। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि किसानों को संगठित होकर अपनी लड़ाई लडनी पड़ेगी अन्यथा भाजपा-जजपा और कांग्रेस जैसी राजनैतिक पार्टियां किसानों के खून-पसीने की कमाई की लूट मचाती रहेंगी। इनेलो पार्टी चैधरी देवी लाल की नीतियों पर चलती हुई सदैव ही किसान, मजदूर के साथ है और उनकी मुश्किलों में हर समय हर जगह डट कर उनका का साथ देगी।
प्रदेशाध्यक्ष श्री राठी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बार-बार कहा था कि सरसों व गेहूं का एक-एक दाना खरीदा जाएगा परंतु मंडियों में किसानों की जो फजीहत हुई है वह सभी के सामने है। भाजपा ने विभिन्न प्रकार के नामों से योजनाओं के पोर्टल बनाकर अनावश्यक तौर पर किसानों को परेशान करने का काम किया है। जिस तरह मेरी फसल मेरा ब्यौरा, मेरा पानी मेरी विरासत एवं भावनांतर किसान योजना आदि के नाम मुख्य तौर पर हैं। जहां तक भावांतर योजना का सवाल है अभी तक 90 फीसदी किसानों को इस योजना के बारे में जानकारी ही नहीं है। किसानों को तो क्या मत्रियों व राजनेताओं को भी इस के गुण-दोषों के बारे में पूरा ज्ञान नहीं है। प्रदेश में यह योजना 2018 में शुरू की थी जिसमें टमाटर, प्याज, आलू और फूलगोभी की फसलों को शामिल किया गया था। इसके पश्चात गाजर, अमरूद और मटर को भी इस योजना में शामिल कर लिया गया। उन्होंने कहा कि भावांतर किसान योजना का सही अर्थ है मंडी में किसानों की इन फसलों का भाव योजना में निश्चित किए गए भाव से कम मिलता है तो सरकार किसानों को भाव के अंतर की भरपाई स्वयं करेगी। परंतु इस योजना में अनेक कमियां होने के बावजूद किसानों को बगैर जानकारी दिए सरकार ने लागू कर दिया जिसका खमियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। यहा बता दें कि हरियाणा में इस योजना के तहत टमाटर की फसल के लिए 500 रुपए प्रति क्विंटल भाव निश्चित किया है जबकि तोशाम के किसानों को टमाटर के 1.86 रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से भाव मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अभय सिंह चैटाला ने किसानों को आश्वासन दिया है कि इनेलो पार्टी उनके साथ है और उनकी समस्याओं के निदान के लिए मुख्यमंत्री जी से बात करेगी। अगर जरूरत पड़ी तो इनेलो सडकों पर आकर भी किसानों का साथ देगी। उन्होंने कहा कि यह पार्टी चैधरी देवी लाल की नीतियों में विश्वास करती है और किसानों के लिए हमेशा ही बड़े चैधरी साहब की पार्टी के दरवाजे खुले हैं।





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