बीएचयू वाराणसी ने बनाया अनोखा माॅस्क

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

December 2022
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
December 1, 2022

हर ख़बर पर हमारी पकड़

बीएचयू वाराणसी ने बनाया अनोखा माॅस्क

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/वाराणसी/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कोरोना से बचाव के लिए पूरे विश्व में तरह-तरह के उपाय किये जा रहे है। एक तरफ विश्व भर के वैज्ञानिक कोरोना का ईलाज ढूंढने की जी तोड़ कोशिश कर रहे है वहीे दूसरी और चिकित्सक इससे बचाव के लिए माॅस्क, हाथ धोना, सेनिटाइजेशन करना व सामाजिक दूरी के उपायों को लोगों तक पंहुचा रहे। हालांकि माॅस्क का प्रयोग इस बिमारी का कारगर बचाव माना जा रहा है जिसे लेकर कंपनियां तरह-तरह के माॅस्क बनाने में जुटी है। ऐसा ही एक माॅस्क बनारस हिंदू विश्वविद्यालय ने बनाया है जिससे न केवल सांस की समस्या दूर होगी बल्कि उसके संपर्क में आते ही कोरोना का वायरस अपने आप खत्म हो जायेगा। यह भी माना जा रहा है कि यह पांच-परत वाला मुखौटा कोरोना के साथ युद्ध में एक बड़ी सफलता है।
                          यह मास्क बीएचयू के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के स्कूल ऑफ बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के डॉ मार्शल और उनकी टीम द्वारा तैयार किया गया है। विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर, डॉ मार्शल ने कहा कि यह मास्क एंटी-माइक्रोब है और इसके संपर्क में आने पर कोरोना वायरस पूरी तरह से नष्ट हो जाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो मास्क बाजार में उपलब्ध हैं, वे मुंह और नाक में कीटाणुओं के प्रवेश को रोकने के लिए एक फिल्टर के रूप में काम करते हैं, लेकिन हमने जो मास्क तैयार किया है वह सभी सुविधाओं से लैस है। यह मुखौटा पांच परतों का है। इस मास्क की खासियत यह है कि इसमें नैनो अमीन मैट्रिक्स के साथ मिश्रित धातु की विभिन्न परतें हैं। साथ ही, इस मास्क में कैंसर और गैर-कैंसर कोशिकाएं भी दी गई हैं।
                             उन्होंने बताया कि पांच परतों वाले इस मास्क में प्रत्येक परत की अलग-अलग विशेषताएं हैं। पहली परत में किसी भी प्रकार के आरएनए को खत्म करने की पूरी क्षमता होती है। दूसरी परत की विशेषता के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि यह माइक्रोबियल विरोधी माइक्रोबियल है। तीसरी परत को एयर फिल्टर के लिए डिजाइन किया गया है ताकि लंबे समय तक मास्क पहनने से कोई घुटन या असुविधा न हो। चैथी और पांचवीं परत बहुत आरामदायक है जो नाक और मुंह के करीब रहती है। डॉक्टर मार्शल ने कहा कि इस मास्क में कॉपर और सिल्वर डी-ट्रांजिशन तत्व होते हैं। उन्होंने कहा कि यह मुखौटा काफी मेहनत के बाद तैयार किया गया है और यह न केवल कोरोना बल्कि सार्स और अन्य सभी वायरस को खत्म करने की क्षमता से लैस है।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox