सिटी सेंटर माल में बेसमेंट की मिट्टी गिरी, एक मजदूर की दबकर मौत

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सिटी सेंटर माल में बेसमेंट की मिट्टी गिरी, एक मजदूर की दबकर मौत

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- द्वारका सैक्टर 12 में निर्माणाधीन सिटी सैंटर माल में बेसमेंट की मिट्टी गिरने से एक मजदूर की दबकर मौत हो गई। जबकि इस हादसे में कई मजदूर बाल-बाल बच गये। सूचना के बाद मौके पर पंहुची पुलिस व फायर ब्रिगेड तथा डिजास्टर मैनेजमेंटें ने कड़ी मशक्कत के बाद मजदूर को बाहर निकाला गया।

आज शाम द्वारका सेक्टर 12 में वेगास मॉल के समीप बन रहे सिटी सेंटर मॉल की बेसमेंट की मिट्टी गिरी जिसमे मिट्टी में दबने से एक मजदूर की मौत हो गई जबकि कई अन्य मजदूर बाल बाल बच गए। मौके पर तमाम सरकारी एजेंसियों ने पहुंच कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जब जाकर दबे मजदूर को बहार निकाला गया। फायर ब्रिगेड डिजास्टर मैनेजमेंट समेत तमाम एजेंसियों ने ऑपरेशन को अंजाम दिया। घायल अवस्था में बाहर निकाले गये मजदूर को ईलाज के लिए वेंकटेश्वर अस्पताल में भेजा गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस संबंध में लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
बताया जा रहा है लापरवाई की वजय से ये हादसा सामने आया। निर्माण कर्ता एजेंसी द्वारा साईट पर मिट्टी को रोकने के सही इंतजाम नही किये गए थे। गनीमत ये रही कि दूसरे मजदूर चपेट में आने से बाल बाल बच गये वरना इस हादसे में और भी कई जिंदगियां लापरवाही की भेंट चढ़ जाती। पुलिस ने मॉल प्रसाशन व इस हादसे के दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की बात कही है। साथ ही पुलिस ने निर्माणाधीन साईट पर किसी तरह की लापरवाही नही बरतने की भी चेतावनी दी है। पुलिस ने मृतक मजदूर की शिनाख्त शेख अगर के रूप में की है जिसकी उम्र 34 साल के करीब बताई जा रही है। अस्पताला प्रशासन का कहना हे कि मजदूर की मौत ज्यादा देर तक दबे रहने के चलते हुई है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच के बाद ही दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।
वहीं डिजास्टर मैनेजमेंट और फायर ब्रिगेड ने निर्माणाधीन साईट पर अपनी जांच के दौरान कई तरह की लापरवाही उजागर की है। अब सवाल ये उठता है कि यही खामियां अगर पहले प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस द्वारा देख ली जाती तो एक मजदूर की जिंदगी बच सकती थी लेकिन प्रशासन भी किसी हादसे के बाद ही जागता है और यही इस देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है। लोगों का कहना है कि इसमें दोष माल मालिकों के साथ-साथ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों का भी है जिन्होने समय-समय पर निरिक्षण नही किया। और अगर वो अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से निभाते तो आज एक मजदूर की मौत नही होती। इसलिए सबसे पहले प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ पुलिस कार्यवाही करे तभी सब ठीक हो पायेगा। और लोग सुरक्षित रह सकेंगै। हालांकि पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है और डीसीपी संतोष कुमार मीणा ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की बात कही है लेकिन फिर भी असली दोषी बचे ही रह जायेंगे।

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