दिल्ली-एनसीआर में 15 अक्टूबर से डीजल जेनरेटर के इस्तेमाल पर रोक

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2024
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
March 2, 2024

हर ख़बर पर हमारी पकड़

दिल्ली-एनसीआर में 15 अक्टूबर से डीजल जेनरेटर के इस्तेमाल पर रोक

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- दिल्ली सरकार द्वारा सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए 15 अक्टूबर तक एंटी डस्ट मुहिम शुरू की गयी है। इस मुहिम में पर्यावरण विभाग की 14 टीमें बनाई गई हैं, जो दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में निरीक्षण कर रही हैं। देश भर में जहां एक तरफ कोरोना वायरस का खतरा अभी टला नहीं है वहीं दूसरी तरफ दिल्ली में स्मॉग का दौर भी लगभग शुरू हो रहा है। हाल ही के दिनों में दिल्ली की एयर क्वालिटी बिगड़ने के संकेत लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के बढ़ते खतरे का मुकाबला करने के लिए पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण ने डीजल जनरेटर सेट के उपयोग पर प्रतिबंध (ठंद) लगा दिया है. बता दें, दिल्ली में 15 अक्टूबर से जीआरएपी यानी ग्रेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान लागू होगा। जिसके चलते 15 अक्टूबर से दिल्ली-एनसीआर में चलने वाले सभी डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर बैन रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट से अधिकार प्राप्त प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण ने गुरुवार को कहा कि वायु प्रदूषण से निपटने के लिए चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्रवाई योजना (ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान) के तहत 15 अक्टूबर से दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में कड़े कदम उठाए जाएंगे। पर्यावरण प्रदूषण (निवारण और नियंत्रण) प्राधिकरण ने दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सरकारों से कहा कि सभी विनिर्माण और पाइप्ड प्राकृतिक गैस (पीएनजी) के अलावा अन्य ईंधन के उपयोग पर प्रतिबंध जैसे आपात कदम ना उठाने पड़ें, इसका पूर्ण प्रयास करें क्योंकि लॉकडाउन के बाद अर्थव्यवस्था की स्थिति सही नहीं है।
प्राधिकरण ने दिल्ली, हरियाणा, और उत्तर प्रदेश की सरकारों को निर्देश दिया है कि वे राष्ट्रीय राजधानी, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम की सीमा में आवश्यक और आपात सेवाओं को छोड़कर अन्य किसी भी कार्य में डीजल जेनरेटर का उपयोग प्रतिबंधित करें. माना जा रहा है कि प्राधिकरण जल्दी ही अपवाद और आपात सेवाओं की सूची जारी करेगा, जहां डीजल वाले जेनरेटरों के उपयोग की अनुमति होगी।
वहीं जानकारी के मुताबिक दिल्ली एनसीआर में कूड़े को जलाने पर भी रोक रहेगी। इसके अलावा सभी निर्माण कार्यों की भी समय-समय पर मॉनिटरिंग की जाएगी. ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि इनकी वजह से प्रदूषण नहीं बढ़ रहा है। इसके अलावा दिल्ली सरकार द्वारा सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए 15 अक्टूबर तक एंटी डस्ट मुहिम शुरू की गयी है। इस मुहिम में पर्यावरण विभाग की 14 टीमें बनाई गई हैं, जो दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में निरीक्षण कर रही हैं। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली की 6 बड़ी साइट्स पर दिल्ली पॉल्युशन कंट्रोल कमिटी ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है।
दिल्ली सरकार के मुताबिक इन जगहों पर श्एन्टी स्मॉग गनश् नहीं लगाई गई थीं। साथ ही रेडी मिक्स कंक्रीट प्लांट्स में प्रदूषण रोकथाम नियमों का उल्लघंन होने पर 5 से 20 लाख रुपये तक जुर्माना वसूलने की तैयारी है। पराली न जले इसे लेकर भी दिल्ली सरकार एक बड़ा कदम उठा चुकी है।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox