कोरोना पर सरकार को स्टीक जानकारी दे रहा आरोग्य सेतू एप

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 26, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

कोरोना पर सरकार को स्टीक जानकारी दे रहा आरोग्य सेतू एप

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- देश में कोरोना की जानकारी देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी किया गया आरोग्य सेतू एप अब सरकार को कोरोना पर स्टीक जानकारी देने लग गया है। एप अब तक 300 हाॅटस्पाॅट को लेकर न केवल सरकार को सचेत कर चुका है बल्कि कहां किसे ईलाज की जरूरत है और कहां कितना वायरस का प्रकोप है इस पर भी एप सबसे स्टीक जानकारी दे कर सरकार की मदद कर रहा है।
                       इस संबंध में जानकारी देते हुए नीति आयोग के अमिताभ कांत ने बताया कि दो अप्रैल को यह एप लांच हुआ था और इसे 96 लाख लोगों ने इसे अपनाया था यह विश्व का एकमात्र ऐसा एप है जिसे 50 लाख लोगों ने मोबाईल में डाउनलोड किया और सबसे तेज गति से विश्व के एक करोड़ी कल्ब में यह दाखिल हो चुका है। उन्होने बताया कि यह एप सरकार के लिए दो तरीके से मदद कर रहा है एक तो किसे ईलाज की जरूरत है और कहां जरूरत है। साथ हाॅटस्पाॅट में भी यह एप अपनी उपयोगिता सिद्ध कर चुका है। उन्होने बताया कि यह एप पूरे देश में करीब 650 हाॅटस्पाॅट पर नजर रखे हुए है जिनमें से 300 हाॅटस्पाॅट की आपात स्थिति को देखते हुए यह एप सरकार को सचेत कर चुका है। इस एप के जरीये किसी हाॅट स्पाॅट में वायरस के फैलने की गति और उसका स्रोत तथा आगे आने वाली समस्याओं का पता लगाया जा सकता है।
                       नीति आयोग चीफ ने बताया कि इस एप की मदद से 69 लाख लोगों ने अपने आपकों स्वयं चेक किया और उनमें से 71 प्रतिशत लोगों ने तीन लक्षण मिलने पर चिकित्सकों की मदद ली और करीब 70 लोगों की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पंहुचकर उनकी जांच के कार्य को अंजाम दिया। और उन्हे चिकित्सीय सहायता प्रदान की। उन्होने बताया कि अब 12500 लोग इस एप के जरीये कोरोना पाॅजिटिव के रूप में पहचाने जा चुके हैं। एप से मिली जानकारी के तहत करीब 60 हजार लोग अपने आप को स्वयं आइसोलेट कर चुके हैं। वहीं 8500 लोग क्वारंटाइन में जा चुके हैं। उन्होने बताया कि यह विश्व का एकमात्र ऐसा एप है जो संकट की घड़ी में सही समय पर चिकित्सा सुविधा का प्रबंध करता है। उन्होने बताया कि यह एप अभी तक 12 भाषाओं में उपलब्ध है और 22 इंडियन भाषाओं में इसको डालने की तैयारी चल रही है। उन्होने बताया कि यह विश्व का एकमात्र ऐसा एप है जो सही व स्टीक जानकारी देकर स्वास्थ्य विभाग को कोरोना से लड़ाई में मदद कर रहा है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox