टैरिफ तनातनी का असर: भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता नई तारीख तक स्थगित

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टैरिफ तनातनी का असर: भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता नई तारीख तक स्थगित

-नए टैरिफ का क्या होगा असर

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/-   भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते (इंटरिम ट्रेड पैक्ट) पर होने वाली अहम बैठक फिलहाल टाल दी गई है। यह बैठक 23 फरवरी से वॉशिंगटन में शुरू होनी थी, जिसमें दोनों देशों के मुख्य वार्ताकार समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देने वाले थे। सूत्रों के मुताबिक अब यह बैठक नई तारीख पर, आपसी सहमति से आयोजित की जाएगी।

ये हैं मुख्य वार्ताकार
भारत की ओर से वाणिज्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव दर्पण जैन इस समझौते के मुख्य वार्ताकार हैं। वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्ष हालिया घटनाक्रम और उनके प्रभाव का आकलन करना चाहते हैं, इसलिए बैठक को फिलहाल स्थगित किया गया है। ये फैसला ऐसे समय में आया है जब Supreme Court of the United States ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए व्यापक आयात शुल्क (टैरिफ) को अवैध करार दिया है। अदालत ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने 1977 के IEEPA कानून का इस्तेमाल कर अपनी शक्तियों से अधिक कदम उठाए।

ट्रंप ने लगाया सभी देशों पर टैरिफ
हाल ही में ट्रंप ने सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया। इससे पहले अगस्त 2025 में अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क लगाया था। बाद में रूसी कच्चा तेल खरीदने के कारण 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया गया, जिससे कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच गया था। इस महीने की शुरुआत में भारत और अमेरिका के बीच एक रूपरेखा पर सहमति बनी थी, जिसके तहत अमेरिका टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत करने को तैयार था। फिलहाल दंडात्मक 25 प्रतिशत में से एक हिस्सा हटाया जा चुका है, लेकिन शेष शुल्क अब भी लागू है।

नए टैरिफ का क्या होगा असर
अगर नया 15 प्रतिशत टैरिफ लागू होता है, तो ये मौजूदा आयात शुल्क के ऊपर जोड़ा जाएगा। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी उत्पाद पर 5 प्रतिशत MFN ड्यूटी है, तो उस पर अतिरिक्त 15 प्रतिशत जोड़कर कुल 20 प्रतिशत शुल्क देना होगा। 2021-25 के दौरान अमेरिका भारत का सबसे बड़ा वस्तु व्यापार साझेदार रहा है। 2024-25 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 186 अरब डॉलर रहा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि नई बैठक कब होती है और व्यापार समझौते को अंतिम रूप कब दिया जाएगा।

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