नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- केंद्रीय बजट पेश होने के दिन सर्राफा बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला और सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। बजट से जुड़ी घोषणाओं, वैश्विक संकेतों और निवेशकों की तेज मुनाफावसूली के चलते कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया, जिसके कारण वायदा कारोबार में बड़े पैमाने पर बिकवाली हावी रही। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोना करीब ₹7,653 टूटकर ₹1,42,000 के स्तर पर आ गया, जबकि चांदी में ₹22,648 से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और भाव घटकर ₹2,69,277 पर पहुंच गया। प्रतिशत के लिहाज से सोने में लगभग 5 फीसदी और चांदी में 7 फीसदी से अधिक की कमजोरी देखने को मिली।
पिछले सप्ताह से ही बाजार में अस्थिरता बनी हुई थी और बजट से पहले निवेशकों का रुख सतर्क नजर आ रहा था। जानकारों का कहना है कि नीति संबंधी फैसलों की आशंका और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने दबाव को और बढ़ाया। चांदी में तो उतार-चढ़ाव और भी ज्यादा रहा। एक दिन पहले जहां चांदी ने रिकॉर्ड स्तर छुआ था, वहीं अगले ही सत्र में तेज गिरावट ने कीमतों को नीचे खींच लिया। इसी तरह सोने ने भी ऊंचाई से फिसलते हुए निवेशकों को चौंका दिया और लगातार बिकवाली के चलते इसके दाम तेजी से नीचे आ गए।
विशेषज्ञों का मानना है कि बजट के दिन बाजार खुले रहने से तत्काल प्रतिक्रिया देखने को मिली, जिससे ट्रेडर्स ने तेजी से अपनी पोजीशन बदली। कमजोर सेंटीमेंट और जोखिम से बचने की रणनीति के कारण निवेशक सुरक्षित मुनाफा बुक करते दिखे। फिलहाल सर्राफा बाजार में अस्थिरता बरकरार रहने की संभावना जताई जा रही है और आगे की दिशा वैश्विक ट्रेंड व नीतिगत फैसलों पर निर्भर करेगी।


More Stories
जनता की आवाज ही भगवान की आवाज: अभय सिंह चौटाला
सुख बांटने से ही मिलता है सच्चा संतोष: साध्वी ऋतंभरा
बिंदापुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: वाहन चोर गिरफ्तार, 6 स्कूटी और 1 बाइक बरामद
नींद की गोलियों से दूर रहने की सलाह, ‘स्लीप हाइजीन’ और वैदिक ‘स्वर विज्ञान’ को बताया स्थायी समाधान
‘अतिथि देवो भव’ की मिसाल: एसजीटी विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन
द्वारका के पंडवाला गांव में प्रॉपर्टी विवाद ने लिया खौफनाक मोड़