पश्चिम बंगाल/उमा सक्सेना/- पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में राज्य के सभी भाजपा सांसदों के साथ एक अहम बैठक की। यह मुलाकात आगामी चुनावों की तैयारी और संगठनात्मक रणनीति को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई। बैठक में राज्य के बदलते राजनीतिक माहौल, संगठन की मजबूती और बूथ-स्तरीय रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।
चुनाव रणनीति पर पीएम मोदी की खास चर्चा
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को चुनावी तैयारियों को और मजबूत करने, स्थानीय मुद्दों पर फोकस बढ़ाने और ग्राउंड लेवल पर सक्रियता सुनिश्चित करने की सलाह दी।
यह बैठक संसद में 12 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर चर्चा से पहले आयोजित की गई थी, जिसमें पश्चिम बंगाल भी शामिल है।
लोकसभा में ‘वन्दे मातरम्’ जयंती व चुनाव सुधारों पर भी होगी चर्चा
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बताया कि लोकसभा स्पीकर की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में निर्णय लिया गया कि—
8 दिसंबर को ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पर विशेष चर्चा होगी। 9 दिसंबर को चुनाव सुधारों पर विस्तृत विचार-विमर्श होगा। SIR को लेकर TMC का विरोध, ममता सरकार की तीखी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी TMC शुरुआत से ही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध कर रही है। पार्टी का आरोप है कि यह प्रक्रिया राज्य के खिलाफ राजनीतिक उद्देश्य से की जा रही है।
ऐसे में पीएम मोदी द्वारा सांसदों के साथ की गई यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि 2026 के चुनाव से पहले राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है।
लोकसभा में उठा PMMSY और AHIDF का मुद्दा
लोकसभा के प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने पश्चिम बंगाल सरकार पर केंद्र सरकार की योजनाओं को पर्याप्त समर्थन न देने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि—
प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY)
एनिमल हसबैंड्री इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (AHIDF)
के तहत बड़ी राशि आवंटित की गई थी, लेकिन राज्य ने योजनाओं के कार्यान्वयन में रुचि नहीं दिखाई। मंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए हर राज्य का विकास आवश्यक है, और केंद्र इसी दृष्टिकोण से काम कर रहा है। भाजपा का मिशन बंगाल: संगठन को मैदान में उतारने की तैयारी
बैठक से संकेत साफ हैं कि भाजपा ने 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर अब पूरी ताकत झोंकने का निर्णय ले लिया है। आने वाले महीनों में पार्टी बंगाल में कई बड़े कार्यक्रम और जनसंपर्क अभियानों की शुरुआत कर सकती है।


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