काठमांडू/उमा सक्सेना/- नेपाल की कार्यवाहक प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने शुक्रवार को कहा कि देश में तय समय पर निष्पक्ष, स्वतंत्र और भयमुक्त वातावरण में आम चुनाव संपन्न कराए जाएंगे और इसके बाद सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार का उद्देश्य केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पारदर्शिता और स्थिरता के साथ आगे बढ़ाना है।
चुनाव 5 मार्च 2026 को होंगे
काठमांडू में विदेशी राजनयिकों, दूतों और विकास साझेदारों के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री कार्की ने बताया कि नेपाल की प्रतिनिधि सभा के चुनाव 5 मार्च 2026 को होंगे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सुनिश्चित करेगी कि यह चुनाव पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हो, ताकि जनता को लोकतांत्रिक अधिकारों का सही उपयोग करने का अवसर मिले।
राजनीतिक अस्थिरता के बीच नया नेतृत्व
73 वर्षीय सुशीला कार्की पिछले महीने देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल चुकी हैं। उनका कार्यकाल ऐसे समय में शुरू हुआ जब देश में भ्रष्टाचार, सोशल मीडिया पर पाबंदी और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर ‘जेन जेड’ आंदोलन ने सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया था। इन प्रदर्शनों के चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को पद से हटना पड़ा था।
स्थिरता और पारदर्शिता पर जोर
बैठक में मौजूद भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव सहित अन्य देशों के दूतों को संबोधित करते हुए कार्की ने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता देश में स्थिरता बनाए रखना और निष्पक्ष चुनाव कराना है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल सत्ता चलाना नहीं, बल्कि लोकतंत्र की नींव को मजबूत बनाना है।”
युवाओं को राजनीति में भागीदारी का आह्वान
कार्की ने कहा कि जेन जेड आंदोलन ने देश में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के प्रति जनता की उम्मीदें बढ़ाई हैं। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक व्यवस्था को और सशक्त बनाने की अपील की। साथ ही, राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे नई पीढ़ी की भावनाओं को समझें और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में शामिल करें।
प्रवासी नेपालियों की भागीदारी पर विचार
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार विदेशों में रहने वाले नेपालियों को आगामी चुनाव में मतदान का अवसर देने की संभावनाओं पर भी विचार कर रही है। उनका कहना था कि “देश से बाहर रहने वाले नागरिक भी लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण अध्याय का हिस्सा बन सकें, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।”
भ्रष्टाचार और हिंसा की जांच जारी
कार्की ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के मामलों की लंबित फाइलें खोल रही है ताकि जवाबदेही की प्रक्रिया को मजबूत किया जा सके। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं की जांच के लिए न्यायिक आयोग काम कर रहा है।


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