
गुरुग्राम/उमा सक्सेना/- गुरु गोबिंद सिंह ट्राई सेंटेनरी यूनिवर्सिटी (एसजीटीयू) में आयोजित विशेष दीक्षांत समारोह में हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव और प्रख्यात समाजसेवी व पद्मश्री सम्मानित बिमल कुमार जैन को उनके उत्कृष्ट सामाजिक योगदान के लिए डी.लिट (ऑनरिस कॉसा) की मानद उपाधि प्रदान की गई। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति राम बहादुर राय ने दोनों हस्तियों को यह सम्मान देकर उनके कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, छात्रों और विभिन्न क्षेत्रों की गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति रही, जिससे समारोह गरिमामय बन गया।
नारी सशक्तिकरण से समाज में बदलाव संभव: आरती सिंह राव
सम्मान ग्रहण करने के बाद स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि किसी भी देश और समाज की वास्तविक प्रगति महिलाओं के सशक्तिकरण से ही संभव है। उन्होंने कहा कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने हरियाणा में खेल और पैरा-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए बताया कि राज्य में एथलीट और पैरा एथलीट दोनों को समान अवसर और सुविधाएं दी जा रही हैं।
आरती सिंह राव का व्यक्तित्व खेल, समाजसेवा और राजनीति का संगम रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शूटिंग में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली आरती ने एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक समेत कई उपलब्धियां हासिल की हैं। हरियाणा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष के रूप में उनके नेतृत्व में राज्य के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सैकड़ों पदक जीते हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उनके एनजीओ ‘इंसाफ मंच’ ने कई जिलों में राहत कार्य भी चलाए।

‘ऑर्गन मैन’ बिमल जैन का सेवा संकल्प
वहीं, पद्मश्री बिमल कुमार जैन ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव तभी संभव है जब हर व्यक्ति जिम्मेदारी निभाए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा के साथ समाज सेवा का संकल्प भी लें। भारत विकास विकलांग न्यास के संस्थापक ट्रस्टी के रूप में जैन वर्षों से दिव्यांगजनों के पुनर्वास और सशक्तिकरण के लिए कार्यरत हैं। उनके प्रयासों से हजारों जरूरतमंदों को निःशुल्क कृत्रिम अंग और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई गई है।
बिमल जैन अंगदान और जागरूकता अभियानों से भी जुड़े रहे हैं, जिसके चलते उन्हें ‘ऑर्गन मैन’ के नाम से पहचान मिली। उनके नेतृत्व में कई सामाजिक योजनाओं ने बिहार और झारखंड में स्वास्थ्य एवं पुनर्वास सेवाओं को नई दिशा दी है। समाजसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया है।
समारोह में एसजीटीयू प्रबंधन और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने दोनों हस्तियों को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तित्व युवाओं के लिए आदर्श हैं, जो शिक्षा के साथ समाज सेवा की भावना को बढ़ावा देते हैं।





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