नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- बसपा सुप्रीमो मायावती ने भतीजे पर एक बार फिर भरोसा जताते हुए बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है। आकाश आनंद को पार्टी का मुख्य समन्वयक बना दिया गया है। आकाश आनंद तीन राष्ट्रीय समन्वयक का नेतृत्व करेंगे। यह पद आनंद के लिए विशेष रूप से बनाया गया है और इसी के साथ वह पार्टी में दूसरे नंबर के नेता बन गए हैं। आनंद को यह पद देने का निर्णय मायावती ने राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी के समन्वयकों की बैठक में लिया।

आनंद ने उन्हें बसपा के संगठनात्मक ढांचे में पुनः शामिल करने के लिए मायावती को धन्यवाद दिया। आनंद ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘बहन जी ने मुझे पार्टी के मुख्य राष्ट्रीय समन्वय पद की जिम्मेदारी दी है। मैं बहन जी का तहेदिल से आभार प्रकट करता हूं। उन्होंने मेरी गलतियों को माफ किया और एक अवसर दिया है कि मैं बहुजन मिशन एवं आंदोलन को मजबूत करने में अपना योगदान दूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं बहन जी से वादा करता हूं कि पार्टी एवं आंदोलन के हित में पूरी निष्ठा से कार्य करूंगा और कभी निराश नहीं करूंगा।’’ आनंद ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा था कि वह मायावती को अपना एकमात्र राजनीतिक गुरु मानते हैं। इसके बाद उन्हें पिछले महीने पार्टी में पुनः शामिल किया गया था।
मायावती ने गत दो मार्च को आकाश को पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त करते हुए कहा था कि अब उनकी आखिरी सांस तक पार्टी में उनका कोई उत्तराधिकारी नहीं होगा। इससे पहले बसपा अध्यक्ष ने फरवरी महीने में आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
मायावती ने पूर्व में आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था, लेकिन पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव के दौरान एक विवादित बयान देने को लेकर उन्होंने अपने भतीजे से यह ओहदा वापस ले लिया था। हालांकि बाद में, मायावती ने उन्हें फिर से अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था।


More Stories
यूपी बोर्ड 10वीं-12वीं रिजल्ट 2026 का इंतजार खत्म होने के करीब
किदवई नगर की दर्दनाक घटना: पिता पर जुड़वां बेटियों की हत्या का आरोप
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ली ने दिया शांति और साझेदारी का संदेश
5 साल से फरार चोरी का आरोपी आखिरकार गिरफ्तार
शाहीन बाग में अवैध गैस कारोबार पर बड़ी कार्रवाई
Hansika Motwani Divorce: 4 साल के रिश्ते से आज़ाद एक्ट्रेस ‘हंसिका मोटवानी’ नींद से जागी, कहा- ”मुझे कोई पछतावा नहीं..!”