दिल्ली के गांवों को चुनाव से पहले मालिकाना हक दे दिल्ली सरकारः पंचायत संघ

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 14, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

दिल्ली के गांवों को चुनाव से पहले मालिकाना हक दे दिल्ली सरकारः पंचायत संघ

-मुख्यमंत्री गांवों का हाउस टैक्स माफ करेंः थान सिंह यादव

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- दिल्ली पंचायत संघ ने आम आदमी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली देहात व गांवों के मुद्दों पर पहली बार बात करने के लिए उनका धन्यवाद करते हुए, उनसे मांग की कि उनकी सरकार गांवों के हाउस टैक्स माफी और मालिकाना हक देने की घोषणा को चुनाव से पहले पूरा करे। इस मौके पर पंचायत संघ ने दिल्ली सरकार के सामने अपनी 9 मांगे भी रखी।

पंचायत संघ के प्रमुख थान सिंह यादव ने कहा कि एमसीडी की पूर्व मेयर डॉ. शैली ओबेरॉय ने आम आदमी पार्टी कार्यालय में कुछ ग्रामीणों के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में गांवों का हाउस टैक्स माफ करने की घोषणा की थी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी 2022 के निगम चुनाव से पहले यह वादा किया था। लेकिन, आज तक यह वादा अधूरा है।

थान सिंह यादव ने आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल से मांग की कि चुनाव की घोषणा होने से पहले निम्नलिखित कदम उठाए जाएंः

1. दिल्ली के गांवों को हाउस टैक्स, कन्वर्जन चार्ज और पार्किंग चार्ज पूर्णतः मुक्त किया जाए।
2. गांवों को रोजगार के लिए व्यावसायिक श्रेणी में शामिल करें।
3. गांवों को भवन उपनियमों के दायरे से बाहर किया जाए।
4. सील की गई ग्रामीण संपत्तियों को तुरंत खोला जाए।
5. गांवों को लाल डोरा और विस्तारित लाल डोरा से मुक्त कर मालिकाना हक दिया जाए। मालिकाना हक के लिए शहरी विकास विभाग में 2013 से लंबित 131 गांवों की 244 फाइलों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
6. सरकारी सेवाओं में ग्रामीण युवाओं को 100 फीसदी आरक्षण और सरकारी व निजी स्कूलों में सौ फीसद दाखिले सुनिश्चित किए जाएं।
7. गांवों का विकासः गांवों के लिए ले-आउट प्लान तैयार किया जाए, जिसमें बारात घर, पंचायत घर, पार्किंग और खेल मैदान की व्यवस्था हो।
8. गांवों के भूमिहीन ग्रामीणों और गरीबों को मकान मुहैया कराए जाएं।
9. किसानों के हितों की रक्षाः जबरन अधिग्रहित कृषि भूमि को किसानों को वापस किया जाए और कृषि भूमि का सर्कल रेट बढ़ाया जाए।

थान सिंह यादव ने जोर देकर कहा कि गांव और ग्रामीणों की इन सभी मांगों को चुनाव से पहले पूरा किया जाए ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox