नई दिल्ली/शिवकुमार यादव/- महाराष्ट्र में महायुति की महा लहर ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया है। हालांकि गठबंधन की तीनों ही पार्टियों ने मन मुताबिक अच्छा प्रदर्शन किया है जिससे एक बार फिर महाराष्ट्र में सीएम को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सभी की जुबां पर एक ही सवाल है कि आखिर महाराष्ट्र का सीएम कौन होगा? हालांकि यह चुनाव एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में लड़ा गया था और महायुति ने एकनाथ शिंदे को ही सीएम उम्मीदवार घोषित किया था लेकिन चुनावी नतीजे के बाद भाजपा के महा प्रदर्शन से एक बार फिर भाजपा के सीएम को लेकर आवाज़ उठने लगी है वहीं एकनाथ शिंदे भी अपने एक इंटरव्यू में अपने आप को कम की रेस से बाहर बता चुके हैं। लेकिन अब वह भी पहले इनकार पर अब खुलकर नहीं बोल रहे हैं क्योंकि उनकी पार्टी ने भी संभावना से अच्छा प्रदर्शन कर एक बार उन्हें फिर कम की रेस में लाकर खड़ा कर दिया है। अब देखना यह है कि वह सीएम बनते हैं या यह तक भाजपा के मुख्य नेता देवेंद्र फडणवीस के सिर पर सजता है हालांकि राजनीतिक धुरंद्रों विशेषज्ञों का मानना है कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में ही महायुति ने महा प्रदर्शन किया है क्योंकि उन्होंने पहली पारी में अच्छा काम किया था। तो क्या अब एकनाथ शिंदे को उनके अच्छे काम का इनाम मिलने जा रहा है।
चुनाव से पहले एकनाथ शिंदे सीएम पद की रेस से खुद को बाहर ही रख रहे थे. उन्होंने कुछ इंटरव्यू में ये भी कहा था कि वह इस बार सीएम की रेस में नहीं हैं, लेकिन नतीजों के बाद वह फिर रेस में हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के नतीजे शनिवार (23 नवंबर) को आ गए, लेकिन प्रदेश का अगला सीएम कौन होगा, इस पर तस्वीर साफ नहीं हुई है. महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री की रेस में देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे का नाम सबसे आगे है और इन दोनों के बीच में ही टक्कर है.
राज्य में बीजेपी ने जिस तरह प्रदर्शन किया है और जितनी सीटें उसके पास है उससे फडणवीस का पलड़ा ज्यादा भारी नजर आ रहा है, लेकिन अभी तक एकनाथ शिंदे ने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है जिससे साफ हो सके कि वह सीएम पद की रेस से बाहर हैं. नतीजों के बाद एकनाथ शिंदे से जितनी बार मीडिया ने सीएम को लेकर सवाल किया, उतनी बार उनके एक्सप्रेशन से यही लगा कि वह भी इस पद की लालसा रखते हैं।
फडणवीस और शिंदे समर्थकों ने संभाली कमान
बताया जा रहा है कि चुनाव से पहले एकनाथ शिंदे सीएम पद की रेस से खुद को बाहर ही रख रहे थे. उन्होंने कुछ इंटरव्यू में ये भी कहा था कि वह इस बार सीएम की रेस में नहीं हैं, लेकिन नतीजों में अच्छी सीटें मिलने के बाद अब वह फिर से खुद को इस रेस में बनाए हुए हैं. वहीं, फडणवीस कैंप वोटिंग के बाद से ही उन्हें सीएम बनवाने के लिए एक्टिव है. वहीं, दूसरी तरफ एकनाथ शिंदे के समर्थकों का कहना है कि पहली पारी में शिंदे ने अच्छा काम किया है इसलिए उन्हें दूसरा मौका मिलना चाहिए.
मुख्यमंत्री के सवाल से बचते नजर आए शिंदे
शिवसेना शिंदे गुट ने रविवार को विधायक दल की बैठक की. इस बैठक के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत भी की. शिंदे ने बताया, “सभी विधायकों ने एकमत से मुझे गुट का नेता चुना इसके लिए उनका धन्यवाद, उन सभी को शुभकामनाएं.” इसके बाद मीडिया ने उनसे सवाल पूछा कि कल मुख्यमंत्री पद पर फैसला हो जाएगा? यह सवाल सुनते ही शिंदे ने मुंह घुमा लिया और हाथ से ड्राइवर को चलने का इशारा कर दिया। लेकिन पहले इनकार पर अब भी खुलकर इजहार नहीं कर रहे हैं पूर्व सीएम एकनाथ शिंदे तो क्या सीएम के लिए शिंदे एक बार फिर हैं तैयार?


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