राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश

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October 19, 2026

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राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/-   कर्नाटक की राजनीति में हलचल मच गई है, जब राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) में कथित घोटाले की जांच और मुकदमा चलाने का आदेश दे दिया। कांग्रेस ने पहले ही राज्यपाल पर कर्नाटक सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया है।

मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) और इसका विवाद

मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) एक सरकारी एजेंसी है, जो शहरी विकास को बढ़ावा देने और लोगों को गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे और सरकारी आवास मुहैया कराने का कार्य करती है। 2009 में, MUDA ने “50:50” योजना शुरू की थी, जिसके तहत भूमि खोने वालों को विकसित भूमि का 50% हिस्सा देने का प्रावधान था। हालांकि, भाजपा सरकार ने 2020 में इस योजना को बंद कर दिया था।

सिद्धारमैया पर लगाए गए आरोप

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर आरोप है कि योजना बंद होने के बाद भी भूमि अधिग्रहण और आवंटन जारी रहा। विशेष रूप से, उनके परिवार को लाभ पहुंचाने का आरोप है। सिद्धारमैया की पत्नी की 3 एकड़ और 16 गुंटा भूमि MUDA द्वारा अधिग्रहित की गई और इसके बदले में महंगे इलाके में 14 साइटें आवंटित की गईं। यह आवंटन राज्य सरकार की 50:50 योजना के तहत हुआ, जिसके कारण घोटाले के आरोप लगाए गए हैं।

राज्यपाल की कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

गुरुवार को कर्नाटक कैबिनेट ने राज्यपाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। शनिवार को, कानून विशेषज्ञों की सलाह के बाद, राज्यपाल ने मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत दे दी। कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों ने इस कार्रवाई को सरकार को अस्थिर करने की कोशिश के रूप में देखा है।

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