दिल्ली में और बड़ा होगा इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा,, 2025 तक 80 फीसदी होंगी  इलेक्ट्रिक बसें

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February 16, 2026

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दिल्ली में और बड़ा होगा इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा,, 2025 तक 80 फीसदी होंगी  इलेक्ट्रिक बसें

-नए साल में मिलेगी 2000 नई इलेक्ट्रिक बसें, 50 और इलेक्ट्रिक बसें इस महीने सड़कों पर होंगी

नई दिल्ली/- दिल्ली में पर्यावरण प्रदुषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने अपनी बसों के बेड़े को इलेक्ट्रिक बसों में तब्दील करने की कवायद तेज कर दी है। जिसके तहत अगले साल दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े में 2000 नई बसें जोड़ने जा रही है।
             डीटीसी की प्रबंध निदेशक शिल्पा शिंदे ने बताया कि अगले साल दिसम्बर तक 1500 नई इलेक्ट्रिक एसी बसें आ जाएंगी। टाटा मोटर्स कंपनी वातानुकूलित लो फ्लोर इलेक्ट्रिक बसों की आपूर्ति, परिचालन और रखरखाव का जिम्मा 12 साल तक संभालेगी। शिंदे ने बताया कि पहले की 300 इलेक्ट्रिक बसों में से बाकी की 50 ई-बसें इस महीने सड़कों पर आ जाएंगी। वहीं, कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) की एमडी और सीईओ महुआ आचार्य ने बताया कि दिल्ली सरकार के लिए हाल में 3980 और इलेक्ट्रिक एसी बसों के लिए टेंडर खोला गया है, जिसका मूल्यांकन चल रहा है। महुआ ने कहा कि इस खेप में से न्यूनतम 500 इलेक्ट्रिक बसें दिल्ली सरकार को अगले साल मिल जाएंगी।
              इस तरह दिल्ली की सड़कों पर अगले साल दिसम्बर तक 2300 इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती नजर आएंगी। अभी दिल्ली में 250 ई-बसें चल रही हैं। डीटीसी की प्रबंध निदेशक ने कहा कि पर्यावरण अनुकूल बसों को शामिल करने से वायु प्रदूषण में कमी के साथ लाखों नागरिकों को लाभ होगा। बता दें कि दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) बोर्ड ने एफएएमई-2 (फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल) श्रेणी के तहत कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीएसईएल) की ग्रैंड चौलेंज स्कीम के तहत 921 बसों और नॉन एफएएमई-2 श्रेणी के तहत शेष 579 बसों की खरीद के लिए मंजूरी दी थी। गैर-फेम श्रेणी के 579 बसों के लिए दिल्ली सरकार एफएएमई-2 सब्सिडी के समान स्तर पर 262.04 करोड़ रुपए की सब्सिडी देगी। दिल्ली सरकार इन बसों के संचालन, रखरखाव और बुनियादी ढांचे के विकास पर लगभग 7145 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसी के साथ सरकार डीटीसी और क्लस्टर बस डिपो में इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग की सुविधा तेजी से विकसित कर रही है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने हाल में इसे लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाई थी और चार्जिंग स्टेशन बनाने के काम को तेज करने के लिए कहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों की राजधानी बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम तेज करें।

80 फीसदी इलेक्ट्रिक बसें होंगी
डीटीसी की प्रबंध निदेशक ने बताया कि 2025 तक 80 फीसद इलेक्ट्रिक बसों के साथ 10 हजार से ज्यादा बसें दिल्ली की सड़कों पर होंगी। राजधानी की सड़कों पर इस समय 4010 बसें डीटीसी की और 3310 बसें क्लस्टर की तथा 250 इलेक्टिक बसें दौड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि 1500 और लो फ्लोर जीरो एमिशन इलेक्ट्रिक बसों का ठेका दे दिया गया है और दिसम्बर 2023 तक ये बसें आ जाएंगी। ये बसें अप्रैल से आनी शुरू हो जाएंगी और जून तक करीब 800 बसें आ जाएंगी। वहीं, 2025 तक 6380 और इलेक्ट्रिक बसें सार्वजनिक परिवहन के बेड़े में शामिल की जाएंगी। 2025 के अंत तक दिल्ली में कुल 10380 बसें हो जाएंगी, जिसमें 8180 इलेक्ट्रिक बसें होंगी। ऐसे में 2025 तक सार्वजनिक बस बेड़े में करीब 80 फीसद इलेक्ट्रिक बसें हो जाएंगी।

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