नई दिल्ली/- दिल्ली ग्राम पंचायत संघ ने समस्त गांवों के साथ अनधिकृत कालोनियों को भी हक दिलाने की लड़ाई लडऩे का ऐलान किया है। इस तरह गांवों व अनधिकृत कालोनियों की 18 सूत्री मांगों को लेकर नेताओं ने अपना समर्थन देना शुरू कर दिया है। संघ की इन मांगों के समर्थन में दिल्ली देहात के सभी दलों के बड़े नेता आगे आने शुरू हो गए है।
नांगलोई क्षेत्र के विधायक रहे पूर्व परिवहन एवं विकास मंत्री देवेंद्र सिंह शौकीन के निवास पर एक बैठक में इन नेताओं ने संघ की मांगों को जायज ठहराया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि संघ राजनीति से ऊपर उठकर बहुत ही सही दिशा में कार्य कर रहा है। वह संघ की मांगों को पूरा कराने के लिए पूरी ताकत लगाएगे।
पूर्व मंत्री देवेंद्र सिंह शौकीन के निवास पर बैठक में देश के सबसे बड़े लोकसभा क्षेत्र बाहरी दिल्ली से सांसद रहे चौ. तारीफ सिंह, पूर्व विधायक विजय लोचव, पूर्व विधायक सुखबीर दलाल, पूर्व विधायक जीतराम सोलंकी, पूर्व पार्षद महेंद्र यादव, दिल्ली बाल्मीकि समाज के अध्यक्ष रणवीर बिड़लान के अलावा दिल्ली देहात कई नेताओं ने शिरकत की। इसके अलावा वरिष्ठ नेता करण यादव, पूर्व पार्षद बलवान गहलोत, पूर्व पार्षद राजेश यादव समेत कई अन्य नेताओं ने भी संघ की मांगों का समर्थन किया है। बैठक में संघ के प्रमुख थानसिंह यादव, 360 खाप के सुरेश शौकीन, पंच प्रमुख सुनील शर्मा व शिव कुमार यादव भी उपस्थित थे।
इस मौके पर देवेंद्र सिंह शौकीन व चौ. तारीफ सिंह ने कहा कि यह बैठक एक बानगी के तौर पर है। संघ की मांगों को पूरा कराने के लिए इससे भी बड़ी बैठक व महापंचायत बुलाने में पीछे नहीं हटा जाएगा, क्योंकि दिल्ली देहात के तमाम नेता इन मांगों से सहमत है और उन्होंने इन मांगों का समर्थन किया है।
बैठक में सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि अपने स्तर पर इन मांगों को पूरा कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने इन मांगों को पूरा कराने का बीड़ा उठा रहे दिल्ली ग्राम पंचायत संघ प्रमुख थान सिंह यादव व 360 गांव खाप के सुरेश शौकीन आदि से आग्रह किया कि वह सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्षों तक अपनी बात पहुंचाने का कार्य करे। उन्होंने कहा कि गांवों व गांवों की जमीनों पर बसी अनधिकृत कालोनिया गांवों का ही रूप है, उनमें ग्रामीण ही रहते है और वे सुविधाओं से मोहताज है। इसके अलावा उन पर अनेक टैक्स व नियम लागू कर दिए गए है। यह पूरी तरह अनुचित है, क्योंकि गांवों व अनधिकृत कालोनियों के निवासियों के पास आय के कोई साधन नहीं है। संघ प्रमुख थान सिंह यादव ने कहा कि यह लड़ाई गांवों व अधिकृत कालोनियों के विकास व उनके अधिकारों की है।

दिल्ली ग्राम पंचायत संघ की 18 सूत्री मांग
1. ग्रामीणों को मालिकाना हक मिले।
2. गांवों व अनधिकृत कालोनियों को सभी प्रकार के टैक्सों से मुक्ति दी जाए।
3. गांवों व अनधिकृत कालोनियों को भवन उप नियम से बाहर रखा जाए।
4. गांवों को व्यवसायिक श्रेणी में शामिल किया जाए और अनधिकृत कालोनियों में व्यवसायिक गतिविधि करने की स्वीकृति दी जाए।
5. शहरीकृत गांवों में पार्किंग व्यवस्था की जाए।
6. गांवों व अनधिकृत कालोनियों के बच्चों के लिए शिक्षा व्यवस्था की जाए।
7. गांवों के युवाओं को नौकरी में आरक्षण दिया जाए।
8. भूमिहीनों व गरीबों को मकान दिए जाए।
9. गांवों की पहचान बनाई रखी जाए।
10. गांवों व अनधिकृत कालोनियों की सील संपत्तियों को खोला जाए।
11. गांवों व अनधिकृत कालोनियों में बहुमंजिला भवन बनाने की छूट दी जाए।
12. गांवों की उपयोग में नहीं लाई गई अधिग्रहण की कृषि भूमि वापस की जाए।
13. लैंड पूलिंग पॉलिसी रद्द की जाए।
14. कृषि भूमि का सर्कल रेट बढ़ाया जाए।
15. म्यूटेशन करनी शुरू की जाए।
16. ग्राम सभा को कृषिभूमि अधिग्रहण के दौरान बाहर रखा जाए।
17. गांवों के मुख्य मार्ग व फिरनी रोड चौड़े रखे जाए।
18. गांवों व अनधिकृत कालोनियों के मकानों व दुकानों के किराए पर कोई टैक्स नहीं लगाया जाए।


More Stories
देहरादून में क्रिकेट टूर्नामेंट का आगाज़, मुख्यमंत्री धामी ने किया शुभारंभ
गंगा में डूब रहे बुजुर्ग को जल पुलिस ने बचाया, समय रहते किया सफल रेस्क्यू
मुख्यमंत्री आवास में शहद उत्पादन की पहल, पहले चरण में 60 किलो शहद निकाला गया
गैस आपूर्ति को लेकर सरकार सतर्क: मुख्यमंत्री धामी ने किया जमीनी निरीक्षण
₹787 करोड़ के ग्रामीण बजट पर जताया आभार
द्वारका पुलिस की बड़ी सफलता: कोर्ट से फरार घोषित अपराधी गिरफ्तार