नई दिल्ली/- कोरोना महामारी में एक तरफ लोग खुद को बचाने के लिए घरों में कैद थे, तो वहीं दूसरी तरफ कोविड फ्रंटलाइन वर्क्स के रूप में वो लोग भी थे, जो दिन रात लोगों की देखभाल में वक़्त गुजार रहे थे। इसी दौरान इस तरह के काम करने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए पीएम कोविड फ्रंटलाइन वर्कर (सीएफ डब्ल्यू) के कोर्स शुरू किए गए थे। जिनके तहत ट्रेनिंग लेकर फ्रंटलाइन वर्कर बना जा सकता था। अपनी तरह की पहली ऐसी योजना के तहत अब हेल्थकेयर सेक्टर स्किल काउंसिल (एचएसएससी) ने हाल ही में दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की कॉनवोकेशन सेरेमनी का आयोजन किया। ये सेरेमनी 100 से ज्यादा केंडिडेट्स को ग्रैजुएशन सर्टिफिकेट देने के लिए की गईं।
कोविड 19 के खिलाफ देश की लड़ाई में इन लोगों के रोल का महत्व समझते हुए माननीय पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा कोविड फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए कोर्स लॉन्च किए गए थे। इसमें कोविड फ्रंटलाइन वर्कर (बेसिक केयर सपोर्ट), कोविड फ्रंटलाइन वर्कर (सैंपल कलेक्शन सपोर्ट), कोविड फ्रंटलाइन वर्कर (इमरजेंसी केयर सपोर्ट) और कोविड फटलाइन वर्कर (एडवांस केयर सपोर्ट) के लिए कोर्स शामिल थे। कॉनवोकेशन सेरेमनी के इस मौक़े पर मुख्य अतिथि के रूप में मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप के सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल शामिल हुए। जिन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूली शिक्षा के साथ स्किल सर्टिफिकेशन पर जोर दिया। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को अपनी रुचि के क्षेत्रों पर ध्यान देने और जिंदगी में आत्मविश्वास के साथ आगे बढऩे की सलाह दी।
वहीं, हेल्थकेयर सेक्टर स्किल काउंसिल के सीईओ आशीष जैन ने स्किल सर्टिफिकेशन कोर्स के महत्व पर बात करते हुए कहा कि लोगों को इस तरह की ट्रेनिंग देकर हमारे देश की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना समय की एक मांग है। कोरोना महामारी के दौरान ट्रेंड और स्किल्ड लोगों की जरूरत बहुत बढ़ गई थी, जिसके चलते एचएसएससी द्वारा कोविड फ्रंटलाइन वर्कर्स की भूमिका के रूप में नौकरियों की शुरुआत हुई। 500 से अधिक उम्मीदवारों को वलेडर फैबटेक्स प्राइवेट लिमिटेड, मैक्स हेल्थकेयर इंस्टिट्यूट और विप्रो जीई हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ट्रेंड किया गया। स्किल इंडिया अभियान के तहत मूल्यांकन और सर्टिफिकेशन का ध्यान हेल्थकेयर सेक्टर स्किल काउंसिल द्वारा रखा गया। इनमें से अधिकांश उम्मीदवारों को सफ लतापूर्वक नौकरी पर रखा गया था और अन्य लोग रोजगार के अवसरों की सुविधा पाने की प्रक्रिया में थे। ये एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज लिमिटेड द्वारा प्रदान की गई एक सीएसआर परियोजना के तहत किया गया था। इसके अलावा एसबीआईसी कार्ड्स की चीफ पीपल ऑफिसर, सीमा कपाही ने बताया कि कैसे उन्होंने देश के लिए स्किल्ड यूथ की जरूरत को समझते हुए इस योजना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान सफलता की कई कहानियां भी शेयर की गईं। सैंपल कलेक्शन सपोर्ट के लिए ट्रेनिंग ले चुके देवेंद्र घोटवाल ने बताया कि इस ट्रेनिंग के बाद वो कैसे अपने परिवार को आर्थिक रूप से समर्थन देने के काबिल हुए।


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