सोची समझी साजिश के तहत हुआ था जहांगीरपुरी हिंसा मामला- पुलिस

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February 18, 2026

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सोची समझी साजिश के तहत हुआ था जहांगीरपुरी हिंसा मामला- पुलिस

-अंसार समेत 10 लोगों ने रची थी हिंसा की साजिश, पुलिस गिरफ्त में आए मो. फरीद ने किया खुलासा
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/- जहांगीरपुरी हिंसा मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्त में आए मो. फरीद ने खुलासा किया है कि अंसार ने 10 लोगों के साथ मिलकर हिंसा की साजिश रची थी।
                  स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि नीतू ने पूछताछ में खुलासा किया है कि जहांगीरपुरी हिंसा की साजिश काफी पहले रच ली गई थी। बस सही समय का इंतजार किया जा रहा था और शोभायात्रा वाले दिन उन्हें मौका मिल गया। पुलिस ने बताया कि मोहम्मद फरीद उर्फ नीतू ने जहांगीरपुरी हिंसा को भड़काने में बड़ी व सक्रिय भूमिका निभाई थी। साजिश के तहत उसने वहां मौजूद एक समुदाय के लोगों से कहा था कि शोभायात्रा में शामिल लोग धार्मिक स्थल पर झंडा लहराने के लिए उसमें घुस रहे हैं। हालांकि, पुलिस जांच में इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई है। मुख्य आरोपी अंसार के साथ फरीद के उकसावे में लोग आ गए और पथराव शुरू हो गया, जिसके बाद हिंसा भड़क गई। पश्चिमी बंगाल में मोबाइल का इस्तेमाल करना नीतू पर भारी पड़ गया।
                 अंसार समेत 8 से 10 लोगों ने हिंसा की साजिश रची थी। शोभायात्रा के दौरान नीतू मौके पर था। शोभायात्रा काफी आगे निकल गई थी, लेकिन इन लोगों ने यात्रा में सबसे पीछे शामिल लोगों को पकड़ लिया था। उनके साथ बहसबाजी और धक्का-मुक्की करने लगे। झगड़ा होने पर इन्होंने एक समुदाय के लोगों को भड़काना शुरू कर दिया। लोग इस कदर भड़के कि उन्होने और लोगों को मौके पर बुला लिया गया।  
                नीतू का कहना है कि आरोपी पत्थर, रोड़ी, ईंट व हथियारों से पहले से लैस थे। इस कारण पथराव शुरू होते ही ये तुरंत मौके पर आ गए। दूसरी तरफ जहांगीरपुरी हिंसा के तीसरे दिन पश्चिमी बंगाल भाग गया था। वहां वह पूर्व मिदनापुर में अपनी मौसी के घर रह रहा था और मोबाइल बंद कर लिया था। इसने पश्चिमी बंगाल में किसी और नंबर से किसी को संपर्क किया था। इससे पुलिस को क्लू मिला।

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