नरेला अनाज मंडी की पड़ताल में मिली जानकारी -नजफगढ़ अनाज मंडी में गेहूं का एक भी दाना नहीं खरीद पाई सरकारी एजेंसियां नजफगढ़ मेट्रो न्यूज़/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दिल्ली सरकार की पूर्ववत घोषणा के अनुरूप शनिवार को दिल्ली के नजफगढ़ व नरेला अनाज मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर दिल्ली के किसान अनाज मंडियों में फसल बेचने के लिए पहुंचे तो जरूर लेकिन दिल्ली सरकार के विकास मंत्री गोपाल राय व मंडी प्रशासन में तालमेल नहीं होने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जहां नरेला अनाज मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि एमएसपी दर पर गेंहू खरीदारी करने वाला कोई विभाग मौजूद नहीं था वही नजफगढ़ अनाज मंडी में सरकारी एजेंसियों की मौजूदगी के बाद भी एफसीआई गेहूं का एक भी दाना नहीं खरीद पाई। शनिवार को मीडिया, समाचार पत्र की खबरों का संज्ञान लेकर यहां किसान पहुंचे थे। बता दें कि शुक्रवार को कृषि मंत्री गोपाल राय ने प्रेसवार्ता कर जानकारी दी थीं कि शनिवार से दिल्ली की नरेला और नजफगढ़ अनाज मंडी में एमएसपी पर गेंहू की सरकारी खरीददारी होगी। विकास मंत्री राय ने बताया था कि खरीददारी काउंटर पर मंडी विभाग, कृषि विभाग, एफसीआई और राजस्व विभाग के अधिकारी किसानों की सहायता के लिए रहेंगे। मंडी में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक किसानों का पंजीकरण किया जाएगा और वहीं से किसानों को कूपन दिया जाएगा। इस प्रक्रिया से किसानों की भागदौड़ तो बचेगी ही, साथ ही उन्हें भिन्न काउंटर्स पर चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे। लेकिन शनिवार को नरेला अनाज मंडी की पड़ताल के दौरान पाया कि यहां विकास मंत्री और मंडी प्रशासन के बीच तालमेल नहीं होने से किसान परेशान नजर आए और यहां नरेला अनाज मंडी में गेंहू की खरीददारी के लिए कोई भी काउंटर नहीं लगाया गया था। इस संबंध में कृषि मंडी समिति अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने कहा कि आज अवकाश है, इसलिए आज कोई काउंटर नहीं लगाया गया है। वही नजफगढ़ अनाज मंडी के चेयरमैन राजेंद्र बिंदल ने बताया कि नजफगढ़ अनाज मंडी में पहले ही किसानों का अनाज एमएसपी की दर से ज्यादा में बिक रहा है हांलाकी एफसीआई के अधिकारी नजफगढ़ अनाज मंडी में किसानों का अनाज खरीदने के लिए मौजूद थे लेकिन एमएसपी से ऊपर सरकारी एजेंसी अनाज नहीं खरीद पाए इसलिए आज सरकारी एजेंसियों को खाली हाथ ही लौटना पड़ा। पता बता देखी एमएसपी का गेहूं का मूल्य 2015 ₹ निर्धारित है लेकिन नजफगढ़ अनाज मंडी में इस समय गेहूं की बिक्री 2050 से लेकर 2250₹ तक हो रही है जिस कारण एफसीआई के अधिकारी गेहूं की खरीद करने में असमर्थ ही दिखाई दिए।
More Stories
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, SIR केस में बंगाल हाईकोर्ट को दिशा-निर्देश
धार्मिक भावनाओं के मामले में रणवीर सिंह को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत
PF धारकों के लिए खुशखबरी, EPFO ने जोड़ी नई सुविधा
लखनऊ यूनिवर्सिटी में धार्मिक आयोजन को लेकर विवाद, दो गुट आमने-सामने
साउथ अफ्रीका से शिकस्त, टीम इंडिया के लिए करो या मरो की स्थिति
एयरपोर्ट पर हड़कंप, 155 पैसेंजर्स वाली फ्लाइट को करना पड़ा इमरजेंसी लैंडिंग