नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/लखनऊः/शिव कुमार यादव/- लखनऊःमें योगी मंत्रीमंडल के शपथग्रहण के साथ ही योगी-2 युग का आगाज हो गया है। इस बार भाजपा ने यूपी में जातिगत आधारित एक समावेशी मंत्री मंडल वाली सरकार प्रदेश की जनता को दी है। शुक्रवार को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में योगी आदित्यनाथ ने अपने 52 मंत्रियों के साथ शपथ ली। योगी कैबिनेट 2.0 में ज्यादातर नए चेहरे शामिल किए गए हैं और कई पुराने नेताओं पर भी फिर से भरोसा जताया गया है। कैबिनेट में मंत्री बनाते समय पार्टी के सामने कई बड़ी चुनौतियां थी। ऐसे में क्षेत्र, जाति और रुतबे सब का ख्याल रखते हुए भाजपा ने योगी कैबिनेट 2.0 के लिए 52 मंत्रियों में से पिछड़ी जाति के 20 मंत्री, 8 दलित, 7 ब्राह्मण, 6 ठाकुर, 4 बनिया, 2 भूमियार, 1 कायस्थ, 1 सिख, 1 मुस्लिम, 1 खतरी पंजाबी, 1 आदिवासी चेहरे को शामिल किया गया है। योगी कैबिनेट में इस बार मोहसिन रजा की छुट्टी की गई है। उनकी जगह दानिश आजाद को मुस्लिम चेहरे के रूप में मंत्रीमंडल में जगह दी गई है।
उत्तर प्रदेश को 2 डिप्टी सीएम मिले हैं। सिराथू विधानसभा सीट से चुनाव हारने के बाद भी केशव प्रसाद मौर्य को दोबारा डिप्टी सीएम बनाया गया है। ब्रजेश पाठक को भी उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। योगी कैबिनेट में सूर्य प्रताप शाही, सुरेश कुमार खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह, बेबी रानी मौर्य, लक्ष्मी नारायण चौधरी, जयवीर सिंह और धर्मपाल सिंह को जगह दी गई है।
योगी कैबिनेट में धर्मपाल सिंह, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, भूपेंद्र सिंह चौधरी, अनिल राजभर, जितिन प्रसाद और राकेश सचान को जगह मिली है। अरविंद कुमार शर्मा, योगेंद्र उपाध्याय, आशीष पटेल, संजय निषाद को भी कैबिनेट में जगह दी गई है।
नितिन अग्रवाल, कपिल देव अग्रवाल, रविंद्र जायसवाल, संदीप सिंह, गुलाब देवी, गिरीश चंद्र यादव, धर्मवीर प्रजापति, असीम अरुण, जेपीएस राठौर, दयाशंकर सिंह, नरेंद्र कश्यप, दिनेश प्रताप सिंह, अरुण कुमार सक्सेना, दयाशंकर मिश्र दयालु को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार मिला है।
मयंकेश्वर सिंह, दिनेश खटिक, संजीव गौड़, बलदेव सिंह ओलख, अजीत पाल, जसवंत सैनी, रामकेश निषाद, मनोहर लाल मन्नू कोरी, संजय गंगवार, बृजेश सिंह, केपी मलिक, सुरेश राही, सोमेंद्र तोमर, अनूप प्रधान, प्रतिभा शुक्ला, राकेश राठौर, रजनी तिवारी, सतीश शर्मा, दानिश आजाद अंसारी, विजय लक्ष्मी गौतम को राज्य मंत्री बनाया गया है।
उत्तर प्रदेश के सियासी इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब कोई मुख्यमंत्री सत्ता में पांच साल रहने के बाद दूसरी बार सीएम बनने जा रहे हैं। यह सियासी करिश्मा योगी आदित्यनाथ के नाम पर दर्ज होने जा रहा है। इतना ही नहीं 37 साल के बाद सत्ताधारी पार्टी की दोबारा से वापसी हो पाई है।


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