-पिछले एक साल से डांस शिक्षक व दिल्ली पुलिस का सिपाही कर रहा था नाबालिग लड़की से बलात्कार,
-कभी कोल्डड्रिंक्स में नशीली दवाई मिलाकर तो कभी उसकी नंगी फोटों वायरल करने की धमकी देकर किया जा रहा था शारीरिक शोषण
-पुलिस में शिकायत के बावजूद भी नही हुई कोई कार्यवाही, अब मिल रही जान से मारने की धमकी
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/ट्रोनिका सिटी/शिव कुमार यादव/- ट्रोनिका सिटी में 14 साल की बच्ची से उसी के डांस टीचर द्वारा बलात्कार व जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोपी टीचर पिछले एक साल से नाबालिग से कभी कोल्डड्रिंक्स में नशीली दवाईंयां मिलाकर तो कभी उसकी नंगी तस्वीरों को वायरल करने की धमकी देकर स्वयं व अपने साथियों के साथ जबरन बलात्कार कर रहा था। जब बच्ची ने यह बात अपने घरवालों को बताई और इस मामले में आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी गई तो आरोपी करण ठाकुर व उसका साथी ओमदत्त शर्मा जो कि दिल्ली पुलिस में सिपाही है ने घर पर आकर बच्ची को उठा ले जाने और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़िता के परिजनों का कहना है कि पुलिस भी उनकी शिकायत पर कोई कार्यवाही नही कर रही है जिसकारण उन्हें अदालत की शरण लेनी पड़ी।
इस मामले में विशेष न्यायधीश पोक्सो अधिनियम, अपर जिला सत्र न्यायधीश गाजियाबाद के पीठासीन अधिकारी हर्षवर्धन ने पीड़ित के पिता की शिकायत पर सुनवाई के बाद पुलिस को इस मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्यवाही करने के आदेश दिये है और कार्यवाही से अदालत को भी अवगत कराने के आदेश दिये हैं।
पीड़िता के पिता हनुमान यादव ने अपनी याचिका में अदालत से आरोपियों करण ठाकुर व औमदत्त शर्मा के खिलाफ कार्यवाही करने और परिवार की जानमाल की सुरक्षा की मांग की है। उन्होने अपनी याचिका में पुलिस के खिलाफ भी शिकायत दी है कि जब से उन्होने पुलिस में शिकायत की है तब से आरोपियों की तरफ से उन्हे जान से मारने की धमकियां मिल रही है और पुलिस इस मामले में कोई कार्यवाही नही कर रही है। यहां तक कि एसपी को भी इस मामलो से अवगत करा दिया गया है। तब भी कोई कार्यवाही नही हुई है।
प्रार्थी ने अपनी याचिका में बताया कि वह ट्रोनिका सिटी की एक कालोनी में अपने परिवार के साथ रहता है। उसकी 14 साल की बेटी पास ही में एक डांस स्कूल में डांस सीखने जाती थी जहां करण ठाकुर पुत्र जगदीश ठाकुर निवासी गोकलपुरी दिल्ली नाम का व्यक्ति उसे डांस सिखाता था। बेटी वहां दो साल से डांस सीख रही थी। शुरू में सब ठीक था लेकिन फिर उनकी बेटी कुछ गुमशुम रहने लगी। तो उन्होने उससे बात की तो पता चला कि करण ठाकुर पिछले एक साल से उनकी बेटी के साथ रेप कर रहा है और धमकी दे रहा है कि अगर उसने किसी से या घर वालों से बताया तो वह उसकी नंगी तस्वीरें वायरल कर देगा और परिवार को बदनाम कर देगा तथा सभी को जान से मार देगा। बेटी ने बताया कि औमदत्त शर्मा निवासी रईसपुरा, थाना कविनगर जिला गाजियाबाद ने भी उसके साथ रेप किया है। आरोपियों ने ठंडे पेय में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर दिया और फिर बलात्कार किया। जब बेटी की तबीयत खराब होने लगी तो वह उसे घर छोड़ गया। इसके बाद बेटी ने सारी कहानी बताई तो मैने थाने में दोनो आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दी।
हालांकि शुरू में पुलिस का व्यवहार ठीक था लेकिन फिर बाद में पुलिस ने कोई कार्यवाही नही की। इस पर करण ठाकुर व औमदत्त शर्मा ने घर पर आकर धमकी दी की पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। तू अपनी शिकायत वापिस ले ले नही तो हम तेरी लड़की को उठा ले जायेंगे और तुम सबको मार देंगे। औमदत्त शर्मा ने कहा कि तू मूझे जानता नही है मैं दिल्ली पुलिस में हूं तुझे मिनटों में गायब करा दूंगा। यहां बता दें कि यह वही औमदत्त शर्मा है जिसके संबंध वेस्ट जवाहर पार्क, लक्ष्मीनगर दिल्ली की शराब माफिया शकीला के साथ है। शकीला लक्ष्मीनगर थाने की बीसी भी है और क्षेत्र में संगठित तौर पर गैंग चलकार सट्टा, शराब व स्मैक का धंधा करती है। जिसके खिलाफ विभिन्न थानों में 22 मुकदमें भी दर्ज हुए बताये जा रहे हैं। औमदत शर्मा इसी शकीला का सारा काम देखता है और पुलिस उसके लिए पुलिस की सारी सेटिंग करता है। यहां यह भी बता दें कि औमदत्त शर्मा के खिलाफ एक व्यक्ति ने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर को भी एक लिखित शिकायत दे रखी है। जिसमें उसकी सारी आपराधिक गतिविधियों व अपराधियों से सांठगांठ का ब्यौरा दे रखा है।
प्रार्थी के प्रार्थना पत्र का अवलोकन करने के बाद माननीय विशेष न्यायधीश पोक्सो एक्ट, अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश हर्षवर्धन ने कहा कि अवलोकन से स्पष्ट होता है कि अभियुक्त ने प्रार्थी की बेटी के साथ जबरन बलात्कार किया और पीड़िता को धमकी दी की यदि उसने घर में बताया तो जान से मार देगा तथा पीड़िता को कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश कर बलात्कार किया तथा उसकी नंगी फोटो व वीडियों बनाई और अपने साथ औमदत्त शर्मा के साथ अवैध संबंध बनाने का दबाव दिया और फिर दोनो ने मिलकर बच्ची के साथ गलत काम किया। साथ ही बताने पर बदनाम करने की भी धमकी दी।
कोर्ट ने सोमवार को प्राथी के प्रार्थना पत्र अंतर्गत धारा 156-3 दं.प्र.सं. पर कहा कि इस मामले में पुलिस विवेचना कराया जाना न्यायोचित प्रतीत होता है। अतः प्रार्थना पत्र अंतर्गत धारा 156-3 दं.प्र.सं. स्वीकार किया जाता है। थानाध्यक्ष ट्रोनिका सिटी को आदेशित किया जाता है कि प्रार्थी द्वारा प्रार्थना पत्र में किये गये कथनों के आधार पर उचित मुकदमा पंजीकृत कर नियमानुसार विवेचना कराया जाना सुनिश्चित करें।


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