टूलकिट मामले में निकिता जैकब के खिलाफ गैर जमानती वारंट

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 14, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

टूलकिट मामले में निकिता जैकब के खिलाफ गैर जमानती वारंट

-बॉम्बे हाईकोर्ट में ट्रांजिट जमानत अर्जी दाखिल

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- किसान आंदोलन को समर्थन के दौरान सामने आए टूलकिट मामले में पर्यावरणविद दिशा रवि की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने उनके करीबियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है और दिषा की सहयोगी निकिता जैकब के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिये गये हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए एडवोकेट निकिता जैकब ने ट्रांजिट अग्रिम जमानत के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया है। न्यायमूर्ति पीडी नाइक मामले को लेकर कल सुनवाई करेंगे।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच और साइबर सेल टूलकिट मामले की जांच कर रही है. जांच के दौरान यह पता चला कि निकिता जैकब ने टूलकिट में कुछ एडिट किया था और उसे आगे फॉरवर्ड किया था। मामले में निकिता जैकब की संलिप्तता सामने आने के बाद उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है।
गौरतलब है कि टूलकिट मामले में साइबर सेल दिशा रवि को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दिशा रवि एक क्लाइमेट एक्टिविस्ट हैं और टूल किट को एडिट करने और उसे फॉरवर्ड करने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार करने के बाद रविवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे पांच दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया था।
दिल्ली पुलिस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि खालिस्तानी संगठन च्वमजपब श्रनेजपबम थ्वनदकंजपवद से जुड़े एमओ धालीवाल ने निकिता जैकब से संपर्क किया. इसके लिए कनाडा में ही रहने वाले पुनीत ने मदद की. इनका मकसद 26 जनवरी से पहले ट्विटर पर एक बड़ी मुहिम छेड़ना था। रिपब्लिक डे से पहले इन सबकी एक ऑनलाइन मीटिंग भी हुई थी। इस मीटिंग में निकिता, धालीवाल के साथ दिशा भी शामिल हुई थी। इनका मकसद किसानों में अफवाहें फैलाना था।
दिल्ली पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कही 26 जनवरी को ट्रेक्टर रैली के दौरान हुई किसान की मौत को पुलिस की गोली से हुई मौत दिखाने के पीछे भी इन्ही का हाथ था या नहीं. दिशा रवि ग्रेटा को पिछले 3 सालों से जानती थी। दिल्ली पुलिस की टीम 11 तारीख को निकिता के घर गयी थी। जहां उसके घर और कंप्यूटर की जांच की गई उस समय निकिता ने पुलिस को सहयोग करने का वादा किया था लेकिन उसके बाद से ही वह भूमिगत हो गई है.जिसके बाद उसके खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी करवाया है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox