17 अप्रैल को रावता गांव में होगी 360 खाप की महापंचायत- राव सतवीर सिंह

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 19, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

17 अप्रैल को रावता गांव में होगी 360 खाप की महापंचायत- राव सतवीर सिंह

-27 मार्च की पंचायत में लिया गया फैसला -रावता गांव के खेतों में गंदे पानी के जलभराव का मामला पंहुचा खाप 360 की महापंचायत में

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नजफगढ़/शिव कुमार यादव/- पिछले कई दशकों से मटियाला विधानसभा के रावता गांव के निवासी खेतों में हरियाणा से आने वाले सीवरेज के दुषित पानी के जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। इस समस्या को लेकर हर बार चुनावों के समय पंचायतां व महापंचायतों का दौर चलता है लेकिन फिर भी आज तक इस समस्या का कोई समाधान नही निकल पाया है। जिसे देखते हुए रावता गांव के ग्रामीण अब सरकार से आरपार की लड़ाई के मूड में दिखाई दे रहे है। हालांकि समाजसेवी राव सतवीर सिंह ने इस समस्या के समाधान का बेड़ा उठाते हुए आगामी 17 अप्रैल को पालम खाप 360 की महापंचायत बुलाने की घोषणा कर दी है। अब देखना यह है कि यह महापंचायत भी पहले की तरह फेल होती है या फिर इसमें कोई चमत्कारिक निर्णय निकलकर सामने आने वाला है।


                     27 मार्च रविवार को रावता गांव में ढांसा 12, सुरहेड़ा 18, धर्मपुर पंचगामा व मुंढेला पंचगामा की पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत की अध्यक्षता राव सतवीर सिंह ने की तथा पंचायत के आयोजनकर्ता रावता निवासी रहे। इस पंचायत में सभी वक्ताओं ने रावता गांव की समस्या पर खुलकर चर्चा की और किसी ने दिल्ली सरकार को घेरने तो किसी ने सांसद व विधायक को घेरने का प्रस्ताव रखा। सभी ने इस सभा में हुए निर्णयों पर सर्वसम्मति से मोहर लगाई। हालांकि रावता गांव की यह समस्या कोई नई नही है। हरबार होने वाले चुनावों में रावता गांव के खेतों में होने वाले जलभराव का मामला जोर शोर से उठता है और चुनाव खत्म होने के बाद मुद्दा भी बंद हो जाता है। फिर ग्रामीणों को ही नये सिरे से अपनी समस्या से लड़ने के लिए तैयार होना पड़ता है। ़हालांकि इस समस्या पर विधायक गुलाब सिंह के नेतृत्व में कई बार डीएम व संयुक्त सचिव दिल्ली सरकार के दौरे हो चुके है लेकिन हरबार मामला मुआवजे तक ही सीमित रह जाता है जिसकारण सरकार चाह कर भी ज्यादा कुछ नही कर पाती। सरकारी सुत्रों की माने तो अधिकारियों को अभी तक यह समझ ही नही आ पाया है कि किसान जमीन का मुआवजा मांग रहे है या फिर इसका कोई स्थाई हल। हर बार अधिकारिक दौरे होते है और बात मुआवजे तक ही सिमट जाती है। जिसकारण कोई बड़ी योजना बन ही नही पाती है।
                27 मार्च को हुई पंचायत में ढांसा बारह के प्रधान खजान सिंह, सुरहेड़ा 17 के प्रधान देवेन्द्र यादव, भाकियू के प्रधान विरेन्द्र डागर, राजेन्द्र यादव, तरूण यादव व राव सतवीर ने रावता गांव के ग्रामीणों के साथ मिलकर एक फैसला किया की इस बार ग्रामीण आरपार की लड़ाई लड़ेंगे और आगामी 17 अप्रैल को पालम 360 खाप की महापंचायत में इस मुद्दे को उठायेंगे और महापंचायत में जो भी फैसला होगा सब उसी के अनुरूप आगे की कार्यवाही करेंगे। हालांकि पंचायत में कुछ ऐक बाते जो सामने आई उनमें पहली सरकार इस जमीन का अधिग्रहण कर ले और किसानों को उचित मुआवजा दे दे। दूसरी हरियाणा की तरफ से आने वाले गंदे पानी को सरकार रोकने की कार्यवाही करें। तीसरा नहर पर बांध बांधा जाये ताकि नहर का पानी खेतों न आ सके। अब देखना यह है कि इस मुद्दे पर महापंचायत में क्या सहमति बनेगी और क्या सरकार ग्रामीणों की बात मानेगी। हालांकि लोग कह रहे है कि इस महापंचायत में राजनेताओं को नही बुलाया जायेगा तो फिर सवाल ये उठता है कि बगैर राजनेताओं के इसका समाधान कौन करायेगा। लोगों की माने तो मटियाला विधानसभा के विधायक गुलाब सिंह यादव है जिनकी पार्टी की सरकार दिल्ली में सत्ता में है। वहीं सांसद प्रवेश वर्मा है जिनकी पार्टी की सरकार केंद्र में है। अगर इन नेताओं को महापंचायत में नही बुलाया जायेगा तो हम किस बात की पंचायत कर रहे है। इस सवाल पर राव सतवीर ने कहा कि यह फैसला कमेटी करेगी कि किसे बुलाना है और किसे नही। अभी फैसला सिर्फ आगामी महापंचायत का हुआ है। इसके बाद निमंत्रण की चिट्ठियां लिखी जायेंगी। ग्रामीण कमेटी ने ही महापंचायत का रावता गांव में ही आयोजन कराने का निर्णय लिया है जिसकी कमान राव सतवीर को सौंपी गई है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox