नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- हरियाली तीज हर साल सावन के महीने में मनाई जाती है। इस दिन महिलाएं अपने हाथों पर निशान बनाती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं इसका महत्व? हिंदू कैलेंडर में तीज तिथि का बहुत महत्व बताया गया है। वैसे तो साल में तीन तीज आती हैं, लेकिन इन सबके बीच सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को पड़ने वाली हरियाली तीज को खास माना जाता है, जो इस साल कल यानी 7 अगस्त, बुधवार को है।
इस दिन शादीशुदा महिलाएं अपने श्रृंगार में हरा रंग शामिल करती हैं। हरी चूड़ियां, बिंदी, हरी साड़ी आदि के साथ-साथ वह हाथों में हरी मेहंदी भी लगाती हैं। हरियाली तीज पर परंपरागत रूप से किए जाने वाले कार्यों में से एक है घर के मुख्य द्वार पर निशान लगाना। इसे अलग-अलग चीजों के साथ लगाया जाता है। माना जाता है कि इससे वैवाहिक जीवन से नकारात्मकता दूर हो सकती है और जीवनसाथी के साथ रिश्ते मधुर हो सकते हैं। आइए ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र से जानते हैं इसका महत्व-
हल्दी की छाप
हरियाली तीज के दिन घर के मुख्य द्वार पर हल्दी से टीका लगाया जाता है। चूंकि हल्दी का रंग पीला होता है और यह गुरु का प्रतिनिधित्व करती है। ऐसे में हल्दी का टीका बृहस्पति ग्रह को मजबूत करता है और इसके प्रभाव से सकारात्मकता बढ़ने लगती है इसलिए हल्दी का टीका लगाना चाहिए।
कुमकुम का निशान
इस खास मौके पर आप अपने घर के मुख्य दरवाजे पर कुमकुम का ठप्पा भी लगा सकते हैं। कुमकुम का रंग लाल होता है और इसका संबंध मंगल ग्रह से होता है, जो वैवाहिक जीवन में खुशहाली लाता है। कुमकुम के प्रभाव से मंगल ग्रह मजबूत होता है। ऐसे में विवाहित महिलाओं को घर के मुख्य द्वार पर कुमकुम का टीका अवश्य लगाना चाहिए।
मेहंदी की छाप
हरियाली तीज के दिन मेहंदी का बहुत महत्व होता है, इसे श्रृंगार करने से पहले लगाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि जब महिलाएं हाथों में मेहंदी लेकर उसे अपने घर के मुख्य द्वार पर लगाती हैं तो इससे वैवाहिक जीवन में नकारात्मकता खत्म हो जाती है।


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