नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- दिल्ली में सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद कोरोना संक्रमण बेहद तेजी से बढ़ रहा है। अब दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफन कॉलेज में 13 छात्र और 2 स्टाफ मेंबर्स संक्रमित पाए गए हैं। जिसके बाद दिल्ली सरकार की चिंता एक बार फिर बढ़ गई हैं। हालाकि इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए कॉलेज में सभी गतिविधियों को बंद कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि सेंट स्टीफन कॉलेज के छात्रों का एक दल डलहौजी ट्रिप पर गया था। वहां से लौटने पर कुछ छात्र पॉजिटिव पाए गए हैं।
शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने 3594 लोगों में संक्रमण की पुष्टि की, जो करीब चार माह बाद एक दिन में अधिकतम मामले हैं। इससे पहले बीते साल 3 दिसंबर को 3734 संक्रमित मिले थे। बढ़ते मामलों के साथ इस दिन की संक्रमण दर भी 4.11 फीसदी हो गई है। सक्रिय मरीज करीब 12 हजार हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, बीते 24 घंटे में 14 लोगों की मौत हुई और 2084 मरीजों ने संक्रमण को मात दी। 13 जनवरी के बाद ऐसा पहली बार है जब एक दिन में 10 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। राजधानी में कुल संक्रमितों की संख्या 6,68,814 हो गई है। इनमें 6,45,770 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। रिकवरी दर घटकर 97.1 फीसदी हो गई है। कुल 11,994 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना से मृत्युदर 1.65 फीसदी है और कुल संक्रमण दर 4.54 प्रतिशत है। सक्रिय मरीजों की संख्या भी बढ़कर 11994 हो गई है। इनमें से 2255 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। कोविड केयर केंद्रों में 39 और होम आइसोलेशन में 6106 रोगियों का इलाज किया जा रहा है।
विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 87,505 लोगों की जांच की गई। आरटीपीसीआर तरीके से 54,898 और रैपिड एंटीजन से 32,607 टेस्ट हुए। अब तक 1 करोड़ 47 लाख 41 हजार सैंपल की जांच हो चुकी है। कंटेनमेंट जोन की संख्या 2338 हो गई है। एक दिन में 200 से ज्यादा रेड जोन बनाए गए हैं।
महाराष्ट्र बेशक संक्रमण के मामले में अभी भी सबसे ऊपर है, लेकिन दिल्ली में भी एक महीने में हालात बदतर हुए हैं। देश के 11 राज्यों से ज्यादा तेजी से दिल्ली में संक्रमण के सक्र्रिय मामले बढ़े हैं। फरवरी में 21वें स्थान पर मौजूद दिल्ली इस वक्त 10वें स्थान पर पहुंच गई है। इस बीच करीब दस गुना सक्रिय मामले बढ़ हैं। सक्रिय मरीजों का आंकड़ा 1,404 से 10,498 हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार हालात बेहद नाजुक हैं। अगर एहतियात नहीं बरती गई तो नतीजे खतरनाक हो सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस समय देश में सबसे ज्यादा सक्रिय मामले महाराष्ट्र में हैं। इसके बाद कर्नाटक, केरल, पंजाब, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश ,छ्त्तीसगढ़ गुजरात, उत्तर प्रदेश और 10 वां दिल्ली का स्थान है। आबादी के लिहाज से देखें तो सबसे अधिक सक्रिय मामले दिल्ली में ही है। यहां एक माह में ही संक्रमण से हालात पूरी तरह बदल गए हैं। एक मार्च तक कुल सक्रिय मरीजों की संख्या 1404 थी, जो अब बढ़कर 10,498 हो गई है। लिहाजा एक माह में ही 9,094 मरीज बढ़ चुके हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो दिल्ली में सबसे अधिक सक्रिय मामल े(42629) नवंबर में थे। उसके बाद से धीरे-धीरे यह संख्या कम होने लगी थी, और इस साल 20 फरवरी में घटकर 1025 रह गई थी। उस समय लग रहा था कि यह आंकड़ा एक हजार के नीचे चला जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मार्च के पहले सप्ताह से ही कोरोना से हालात बदलने लगे। जहां फरवरी में रोजाना औसतन 120 दैनिक मामले आ रहे थे तो मार्च में यह संख्या 890 हो गई थी। संक्रमितों के बढ़ने से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या कम होने लगी। नतीजतन सक्रिय मामले भी तेजी से बढ़ने लगे।
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर बी.बी वाधवा ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले कोरोना काफी तेजी से बढ़ रहा है।
इस समय सावधानी ही इलाज है। खासकर युवाओं को अधिक सावधान रहने की जरूरत है। अगर कोरोना से बचाव नहीं किया गया तो गंभीर परिणाम हो सकते हैं। जरूरी है कि अधिक से अधिक लोग टीका लगवाए और कोविड से बचाव के नियमों का पालन करें।
इस तरह बढ़े सक्रिय मामले
तारीख- मामले
01 मार्च- 1,404
05 1,779
10 1,900
15 2,321
20 3,409
25 5,497
30 7,429
1 अप्रैल- 10,498
छह माह में ऐसे बदलते रहे हालात( इसका ग्राफ बना सकते हैं)
माह- सक्रिय मामले
अक्तूबर- 23,922
नवंबर-42,629
दिसंबर-8,735
जनवरी- 3,683
फरवरी-1,025
मार्च-10,498
2 अप्रैल तक
नोट- आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं


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