सपा के मुफ्त बिजली अभियान पर चुनाव आयोग ने मांगा जवाब, बढ़ सकती है मुश्किल

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सपा के मुफ्त बिजली अभियान पर चुनाव आयोग ने मांगा जवाब, बढ़ सकती है मुश्किल

-सपा के अगड़ा बनाम पिछड़ा के जवाब में भाजपा का एम कार्ड, रोचक दौर में पंहुचा पार्टियों का चुनाव प्रचार

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/उत्तर-प्रदेश/भावना शर्मा/- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार जोरों पर है। एक तरफ समाजवादी पार्टी अगड़ा बनाम पिछड़ा करने की तैयारी में है तो वहीं भाजपा ने उसकी और कांग्रेस की काट करते हुए ’एम’ कार्ड चल दिया है। भाजपा चुनाव के नैरेटिव को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर लाना चाहती है। यही वजह है कि एक तरफ अमित शाह ने कैराना से चुनाव प्रचार की शुरुआत की तो वहीं लखनऊ में अदिति सिंह, अपर्णा यादव जैसी महिला नेता सुरक्षा के मुद्दे पर प्रचार के लिए उतरीं। फिलहाल उत्तर प्रदेश का चुनाव प्रचार बेहद रोचक हो चला है और मुकाबला कड़ा नजर आ रहा है। इसके अलावा पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में भी कैंपेन तेज हो गया है।
                 समाजवादी पार्टी की ओर से सरकार बनने के बाद 300 यूनिट बिजली मुफ्त दिए जाने के वादे के साथ रजिस्ट्रेशन कराने पर चुनाव आयोग ने जवाब मांगा है। सपा के इस अभियान को लेकर आयोग से शिकायत की गई थी। इसे प्रलोभन देने का मामला बताते हुए शिकायत की गई थी। अब आयोग ने सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।


                  भारत का असली दुश्मन पाकिस्तान नहीं है। एक इंटरव्यू में अखिलेश यादव की ओर से दिए गए इस बयान को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मुद्दा बना लिया है। अब तक ’जिन्ना’ वाले बयान पर सपा अध्यक्ष को घेर रही बीजेपी ने अब उन्हें ’पाकिस्तान प्रेमी’ बताने में जुट गई है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने सोमवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अखिलेश पर जोरदार पलटवार किया और कहा कि याकूब मेनन फांसी पर चढ़ गया नहीं तो अखिलेश उसे भी टिकट देते वह कसाब को स्टार प्रचारक बना लेते।
                   गोरखपुर सीट से भाजपा के विधायक रहे राधामोहन दास अग्रवाल को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि वह पढ़े-लिखे नेता हैं। लेकिन हम किसी के परिवार में झगड़ा नहीं कराना चाहते। यह काम भाजपा कराती है। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि वह सपा में आना चाहें तो उनका स्वागत है। अखिलेश यादव ने कहा कि जनता पूछेगी कि गोरखपुर में अच्छी सड़कें क्यों नहीं है। शहर में आधुनिक सुविथाएं क्यों नहीं हैं। योगी आदित्यनाथ को इन सभी बातों का जवाब देना होगा। बता दें कि अग्रवाल गोरखपुर से लंबे समय से विधायक रहे हैं, लेकिन अब योगी आदित्यनाथ के उस सीट से लड़ने के फैसले के चलते उन्हें इस बार टिकट नहीं मिल पाया है।
                मुलायम सिंह यादव के समधी और साढ़ू के भाजपा में जाने को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि वे हमारे परिवारवाद को खत्म कर रहे हैं। अपर्णा यादव के पीएम नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ से प्रभावित होने की बात पर भी अखिलेश ने खुलकर बोला। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में अखिलेश ने कहा, ’वह तो पहले से ही प्रभावित थीं। बहुत दिनों से प्रभावित थीं।’ गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ के सामने किसे उतारा जाएगा। इस सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि इस बारे में पार्टी फैसला लेगी। सब  लोगों की राय लेने के बाद ही कोई नाम तय किया जाएगा।
                समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने ओपिनियन पोल्स की भविष्यवाणी पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि जगह-जगह पर भाजपा के विधायकों को पीटा जा रहा है और लोग खदेड़ रहे हैं। आखिर यह बात सर्वे में क्यों नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि लोग जिनके विधायकों को खदेड़ दें, वे सर्वे में आगे चल रहे हों। उन्होंने कहा कि भाजपा ने वादा किया था कि गरीब लोग हवाई चप्पल पहनकर हवाई यात्रा करेंगे। आज तो वो लोग गाड़ी भी नहीं चला पा रहे हैं। अखिलेश यादव ने अपर्णा के सवाल पर कहा कि मुझे खुशी है कि हमारी विचारधारा का विस्तार हो रहा है। हमें खुशी है कि अब भाजपा के अंदर भी निजीकरण, आरक्षण जैसे मुद्दे उठेंगे।
                  कांग्रेस ने भले ही महिलाओं को टिकट देने से लेकर उनके पक्ष में नारे गढ़ने तक का काम यूपी विधानसभा चुनाव में किया है, लेकिन वास्त्व में इस ’ड’ कार्ड को भाजपा भुना रही है। समाजवादी पार्टी की चुनाव को अगड़ा बनाम पिछड़ा बनाने की कोशिश की भाजपा ने महिला कार्ड चलकर काट निकाली है। रविवार को भाजपा जिस अंदाज में नजर आई, उससे साफ है कि कानून व्यवस्था को योगी सरकार अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि और सपा पर एक दाग के तौर पर पेश कर चुनाव में उतरना चाहती है। एक तरफ पहली बार भाजपा के लखनऊ कार्यालय पहुंचीं अपर्णा यादव ने बहू-बेटियों के भाजपा में ही सुरक्षित होने की बात कही तो वहीं अदिति सिंह और प्रियंका मौर्य भी प्लेकार्ड लिए दिखाई दीं।
                  उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन किया है। लेकिन इसी बीच उत्तर प्रदेश के एक ऐसी विधानसभा सीट है जहां दोनों पार्टियों ने अपने-अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा हरदोई की संडीला विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार के रूप में नामित किए जाने के एक दिन बाद राजभर ने भी उसी सीट से अपना प्रत्याशी उतार दिया है।
                आजाद समाज पार्टी के नेता भीम आर्मी ने कहा कि हम 30 छोटे दलों के साथ गठबंधन कर चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। भीम आर्मी के नेता ने कहा कि हम सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में हैं। हालांकि उन्होंने अखिलेश यादव के प्रति फिर से नरमी जाहिर करते हुए कहा कि उनके खिलाफ हमारा कोई उम्मीदवार नहीं होगा।              
                आप ने सीएम चन्नी पर लगाया पंजाब में रेत माफिया को आश्रय देने का आरोप। आप नेता राघव चड्ढा ने गवर्नर से की दखल देने की मांग।

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