संसद भवन हमले की 22वीं बरसी, मोदी-शाह समेत कई नेताओं ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

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September 7, 2026

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संसद भवन हमले की 22वीं बरसी, मोदी-शाह समेत कई नेताओं ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

मानसी शर्मा /- पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद संगठनों के आतंकवादियों ने 13 दिसंबर, 2001को संसद परिसर में हमला कर दिया था। जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी। सुरक्षा बलों ने पांचों आतंकियों को मार गिराया था।उस हमले के आज 22 साल पूरे हो गए हैं।
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और अन्य नेता बुधवार को संसद हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए संसद पहुंचे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह भी कहा कि राष्ट्र हमेशा उन बहादुर सुरक्षा कर्मियों का ऋणी रहेगा जिन्होंने 2001 में संसद पर आतंकवादी हमले में अपनी जान गंवा दी, इसके साथ ही सभी को आतंकवाद को खत्म करने की प्रतिज्ञा दोहराने को कहा।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कही ये बात

 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “इस दिन, 22 साल पहले, देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व को खत्म करने और हमारे लोकतंत्र के मंदिर को नुकसान पहुंचाने की आतंकवादियों की नापाक योजना को बहादुर सुरक्षाकर्मियों ने नाकाम कर दिया था, जिसमें नौ लोग भी शामिल थे जिन्होंने मातृभूमि के लिए अपनी जान दे दी।उन्होंने कहा, राष्ट्र सदैव उनका ऋणी रहेगा। राष्ट्रपति ने कहा, “उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा क्योंकि हम आज आतंकवाद – हर जगह मानव जाति के लिए खतरा – को उसके सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में खत्म करने की अपनी प्रतिज्ञा दोहराते हैं।”

13 दिसंबर 2001 को क्या हुआ था

13 दिसंबर 2001 की सुबह, लगभग 11:40 बजे विंडशील्ड पर जाली गृह मंत्रालय के स्टिकर लगी कार में पांच आतंकवादियों को संसद भवन परिसर में प्रवेश करते देखा गया। संदेह होने पर कार को वापस मोड़ने के लिए मजबूर किया गया, जिसके बाद आतंकवादी नीचे उतरे और गोलीबारी शुरू कर दी। इससे अलार्म बज गया और सभी बिल्डिंग के गेट बंद कर दिए गए। उस समय संसद के अंदर 100 से अधिक मंत्री औरसांसद मौजूद थे।30 मिनट से अधिक समय तक चली गोलीबारी में पांच आतंकवादी, आठ सुरक्षाकर्मी और एक माली मारे गए और 15 घायल हो गए।

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