शेयर बाजार में गिरावट का झटका, सेंसेक्स 800 अंक टूटा   

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 7, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-निफ्टी 22,800 के नीचे फिसला -शुरुआती कारोबार में बाजार दबाव में, निवेशकों में सतर्कता

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-  सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। शुरुआती सत्र में सेंसेक्स 800 अंकों से अधिक लुढ़क गया, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया। वहीं निफ्टी भी 22,800 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव हावी रहा, जिससे सेंसेक्स करीब 824 अंकों की गिरावट के साथ 73 हजार के आसपास आ गया, जबकि निफ्टी भी 22,700 के करीब पहुंच गया। बाजार में आई इस गिरावट का असर कई प्रमुख शेयरों पर भी देखने को मिला।

चुनिंदा शेयरों में कमजोरी, रुपया भी फिसला
शुरुआती कारोबार में कुछ बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार पर और दबाव बढ़ा। वहीं विदेशी मुद्रा बाजार में भी रुपया कमजोर नजर आया और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 पैसे गिरकर 93.07 के स्तर पर पहुंच गया। निवेशकों के बीच अनिश्चितता और वैश्विक संकेतों का असर साफ तौर पर दिखाई दिया।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
एशियाई शेयर बाजारों में भी आज मिश्रित संकेत देखने को मिले। जापान का निक्केई इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ ट्रेड करता नजर आया, जबकि ऑस्ट्रेलिया के बाजार में तेजी देखी गई। दक्षिण कोरिया और चीन के बाजारों में भी हल्की उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रही। वैश्विक स्तर पर निवेशक सतर्कता के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।

वॉल स्ट्रीट में हल्की बढ़त, लेकिन वैश्विक तनाव का असर
अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र के दौरान हल्की बढ़त दर्ज की गई। एसएंडपी 500, डाउ जोन्स और नैस्डैक में मामूली तेजी देखने को मिली, लेकिन वैश्विक राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। विशेष रूप से पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते बाजारों पर दबाव बना हुआ है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से बढ़ी चिंता
ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी जारी है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। अमेरिकी कच्चा तेल और ब्रेंट क्रूड दोनों ही ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति बनी रहती है, तो महंगाई और बाजार की अस्थिरता और बढ़ सकती है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox