लोकसभा में पेश होगा जन विश्वास (संशोधन) विधेयक 2025, छोटे अपराध होंगे अपराध-मुक्त

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 9, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

लोकसभा में पेश होगा जन विश्वास (संशोधन) विधेयक 2025, छोटे अपराध होंगे अपराध-मुक्त

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- भारत सरकार छोटे और तकनीकी प्रकृति के अपराधों को अपराध-मुक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सोमवार को लोकसभा में जन विश्वास (संशोधन) विधेयक 2025 पेश करेंगे। इस विधेयक का उद्देश्य कारोबारी सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देना और नागरिकों पर अनावश्यक कानूनी बोझ को कम करना है। प्रस्तावित संशोधन के तहत 350 से अधिक प्रावधानों में बदलाव किए जाएंगे।

क्या है जन विश्वास (संशोधन) विधेयक 2025?
जन विश्वास (संशोधन) विधेयक 2025 सरकार की उस व्यापक नीति का हिस्सा है, जिसके तहत भारत को वैश्विक स्तर पर निवेश के लिए और अधिक आकर्षक गंतव्य बनाने की योजना है। यह विधेयक मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलों को मजबूती देगा। साथ ही, छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए नियमों और अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल बनाकर उन्हें विकास के लिए प्रोत्साहन प्रदान करेगा।

विधेयक का मुख्य उद्देश्य
इस विधेयक का मुख्य लक्ष्य उन अपराधों को अपराध-मुक्त करना है, जो केवल तकनीकी या प्रक्रियागत त्रुटियों से जुड़े होते हैं और गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल नहीं होते। ऐसे मामलों का निपटारा अब जेल की सजा के बजाय जुर्माने या प्रशासनिक उपायों से किया जाएगा। इससे कारोबारी समुदाय को राहत मिलेगी और आम नागरिकों के लिए कानूनी प्रक्रियाएँ सरल होंगी।

2023 का अनुभव और नया बदलाव
इससे पहले साल 2023 में जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम पारित किया गया था। उस समय 19 मंत्रालयों और विभागों से जुड़े 42 केंद्रीय अधिनियमों के 183 प्रावधानों को अपराध-मुक्त किया गया था। कई प्रावधानों में कारावास और जुर्माने दोनों को हटाकर केवल जुर्माने का प्रावधान किया गया, जबकि कुछ में कारावास को हटाकर जुर्माने को बरकरार रखा गया। अब 2025 का यह नया संशोधन उस दिशा को और आगे बढ़ाता है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox