नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- हाल ही में देश की ऐतिहासिक धरोहर लाल किले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित एक मॉक ड्रिल के दौरान दिल्ली पुलिस से गंभीर लापरवाही हुई। पुलिसकर्मी लाल किले के भीतर छिपाए गए नकली बम का पता लगाने में असफल रहे। इस चूक के चलते सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल स्तर के जवान शामिल हैं। यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चेतावनी मानी जा रही है।
मॉक ड्रिल में कैसे हुई चूक
दिल्ली पुलिस ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के तहत रोजाना अभ्यास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को एक विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में कुछ पुलिस अधिकारी सादे कपड़ों में आम नागरिकों की तरह लाल किले के परिसर में दाखिल हुए और अपने साथ एक नकली बम भी ले गए। इस दौरान सुरक्षा में तैनात जवान नकली बम का पता नहीं लगा सके। यह विफलता सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। घटना के तुरंत बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए सात जवानों को निलंबित कर दिया।
सुरक्षा के लिए किए जा रहे हैं सख्त इंतजाम
हर वर्ष 15 अगस्त को प्रधानमंत्री लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हैं और तिरंगा फहराते हैं। इस मौके पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए विशेष प्रबंध किए जाते हैं। इस बार सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए हाई-टेक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। लाल किले में पांच प्रकार के निगरानी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनमें हेडकाउंट कैमरे भी शामिल हैं। ये कैमरे एक समय में कई लोगों की गिनती करने और संदिग्ध वस्तुओं की पहचान करने में सक्षम हैं। सुरक्षा बलों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की चूक दोबारा न हो।
अवैध प्रवेश का प्रयास, पांच बांग्लादेशी हिरासत में
सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक अन्य बड़ी घटना में दिल्ली पुलिस ने लाल किले में अवैध रूप से घुसने की कोशिश कर रहे पांच बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। ये सभी 20 से 25 वर्ष की आयु के हैं और दिल्ली में मजदूरी का कार्य करते हैं। पुलिस ने इनके पास से बांग्लादेशी दस्तावेज बरामद किए हैं और अब इनकी पृष्ठभूमि तथा इरादों की गहन जांच की जा रही है। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को और बढ़ा दिया है।


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