मानसी शर्मा / – उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोर्ड लागू करने पर सरकार एक्शन मोड में है। मुख्य सेवक सदन के एक कार्यक्रम में यूसीसी समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई ने समिति के सदस्यों के साथ यूसीसी का मासौदा उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी को सौंपा है। दरअसल, देहरादून में यूसीसी का कार्यालय पिछले तीन दिनों से 15 घंटे से ज्यादा काम कर रहा है। समिति सदस्य दिन-रात रिपोर्ट को तैयार करने में सक्रिय है। सूत्रों के अनुसार, इस मसौदे में 400 से अधिक धाराएं शामिल की जा सकती हैं। जिनका लक्ष्य पारंपरिक रीति-रिवाजों से शुरु होने वाली दिक्कतों को खत्म करना है।
क्या क्या किए जाएंगे प्रावधान
अगर ये कानून लागू होता है तो बहुविवाह पर रोक लग सकती है। साथ ही लड़कियों की शादी की कानूनी उम्र 21 साल तय की जा सकती है। इसके साथ ही लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वालों को अपनी जानकारी देना जरुरी होगा और ऐसे रिश्ते में रहने वाले लोगों को अपने माता-पिता को जानकारी देनी होगी। इसके साथ ही लिव-इन में रहने वालों को पुलिस में रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा। इसके साथ ही कई और प्रावधान किए जा सकते हैं।
बन जाएगा पहला राज्य
बता दें, मार्च 2022 में धामी सरकार जब बनी थी तो तुरंत बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही यूसीसी के मसौदे को तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समिति को गठन मंजूरी दे दी गई थी। जिसकी अध्यक्षता कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाईको दी गई थी। अगर ये कानून लागू होता है यहां तो उत्तराखंड आजादी के बाद इस कानून को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। वहीं गोवा में आजादी से पहले से ही यूसीसी कानून लागू है।


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