
मानसी शर्मा /- अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के नेता डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर यूनाइटेड स्टेट्स के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के सामने डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस थी। जिन्हें हार का सामना करना पड़ा। वहीं, अब ट्रंप के चुनाव जीतने के बाद भारतीय मूल काश पटेल की काफी चर्चा हो रही हैं। बता दें, काश पटेल को सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) का चीफ बनाया जा सकता हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो CIAके पद के लिए काश पटेल ही शीर्ष दावेदार माने जा रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स का मानना है कि ट्रंप ने चुनाव जीतने से पहले ही सोच रखा था कि अगर उन्हें जीत मिली तो वह अपनी नई सरकार में काश पटेल को ही CIAके पद के लिए नियुक्त करेंगे।
राम मंदिर से जुड़ा है काश पटेल का नाम
बता दें, काश पटेल ने अयोध्या राम मंदिर का खुलकर समर्थन किया था। उन्होंने राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान विदेशी मीडिया पर एंटी हिंदू होने का आरोप भी लगाया था। दरअसल विदेशी मीडिया में राम मंदिर के विवाद को 50 साल पुराना बताया जा रहा था।
विदेशी मीडिया पर एंटी हिंदू होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने बताया कि मीडिया ने अयोध्या के मामले को 50 साल पुराना बताया हैं। जबकि राम मंदिर का इतिहास 500 साल से भी पुराना हैं।
कौन हैं काश पटेल?
काश पटेल का जन्म एक गुजराती परिवार में हुआ हैं। उनके पिता भारतीय प्रवासी हैं। साल 1970 में काश पटेल के माता-पिता युगांडा से भागकर कनाडा के रास्ते अमेरिका पहुंचे थे। जिसके बाद साल 1988 में पटेल के पिता को अमेरिका की नागरिकता मिल गई।
बता दें, काश पटेल ने वकालत की पढ़ाई की है। लेकिन बड़ी फर्म में नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने सरकारी वकील के तौर पर काम करना शुरू किया। साल 2013 में काश पटेल न्याय विभाग में शामिल हुए। जिसके करीब तीन साल बाद साल 2016 में पटेल को खुफिया मामले से जुड़ी एक स्थायी समिति में कर्मचारी के रूप में नियुक्त किया गया।





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