युवाओं को शिक्षित-प्रशिक्षित कर सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में तैयार करेगा महाविद्यालय

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युवाओं को शिक्षित-प्रशिक्षित कर सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में तैयार करेगा महाविद्यालय

-दिल्ली देहात में पारंपरिक शिक्षा से हटकर सामाजिक बदलाव पर फोकस करेगा महात्मा गांधी समाजकार्य महाविद्यालय -पेरेन्टस डे पर किया गया महाविद्यालय का उद्घाटन, जैसा नाम वैसा काम के तहत 8 साल के बच्चे, एक माता व एक पिता ने किया महाविद्यालय का उद्घाटन

नजफगढ़/- नजफगढ़ में सोमवार को विश्व माता-पिता दिवस पर महात्मा गांधी समाजकार्य महाविद्यालय का शुभारंभ किया गया। महाविद्यालय के उद्घाटन पर ही जैसा नाम वैसा काम को सिद्ध करते हुए महात्मा गांधी समाजकार्य महाविद्यालय के प्रबंधन ने, कॉलेज का उद्घाटन किसी मंत्री या संतरी से नही बल्कि एक आठ साल के बच्चे आरव सोनी, एक माता व पूर्व शिक्षिका गौतम देवी व एक पिता तथा पूर्व शिक्षाविद प्रोफेसर धर्मेन्द्र यादव से कराया गया। आज के उद्घाटन समारोह की एक विशेषता यह भी रही कि आज संस्था के पैटर्न व इंटनेशल डायरेक्टर एडगर गार्मिगर का जन्मदिन है। इस महाविद्यालय की संकल्पना को पूरा करने के लिए पिछले 10 साल से प्रयत्नशील है जो आज उनके जन्मदिन पर पूर्ण हुई है। इस मौके पर उन्होने पूरी टीम को बधाई संदेश भेजा है।

महाविद्यालय के उद्घाटन में डॉ प्रभा तीरमारे, मुंबई विश्व विद्यालय, जोशनारा बेगम, निदेशक, स्त्री वाजीन, नॉर्थ ईस्ट, रवींद्र कुमार, शिक्षाविद् आसरा ब्राइट फ्यूचर सेंटर, प्रतिमा नस्कर, निदेशक, अबना फाउंडेशन, गोपाल कृष्ण गुप्ता, चैयरमैन, अभिनव समाज, ऐ वी प्रेमनाथ संयुक्त सचिव शहरी शहरी विकास मंत्रालय दिल्ली सरकार, नीलम कृष्ण पहलवान पूर्व पार्षद, सत्यपाल मलिक पूर्व पार्षद, डा. आर के यादव, एडवोकेट उमेश यादव, डा. आर के मेसी, शोभा चौधरी व मानसी शर्मा इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रहे।

कार्य इस अवार पर मुख्यअतिथि पूर्व शिक्षाविद प्रोफेसर धर्मेन्द्र यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा के मामले में नजफगढ़ देहात काफी पिछड़ा हुआ है। सरकारें आई गई लेकिन किसी ने भी नजफगढ़ के युवाओं की पीड़ा व परेशानी को नही समझा। अब महात्मा गांधी समाजकार्य महाविद्यालय के ग्रामीण क्षेत्र में खुलने से उच्च शिक्षा की कमी तो दूर होगी ही साथ ही युवाओं के समय व धन की भी बचत होगी और मुझे पूरा यकीन है कि महात्मा गांधी समाजकार्य महाविद्यालय युवाओं पारंपरिक शिक्षा से हटकर समाज के विकास में योगदान देने वाले युवाओं को शिक्षित-प्रशिक्षित कर सामाजिक कार्यकर्ताओं के रूप में तैयार करेगा ताकि लोगों की सामाजिक सोच को बदला जा सके।

महात्मा गांधी समाजकार्य महाविद्यालय के बारे मेंः-
महात्मा गांधी समाज कार्य महाविद्यालय एक सामुदायिक और स्वतंत्र महाविद्यालय है। इसका शुभारंभ आज 25 जुलाई 2022 को राष्ट्रीय माता पिता दिवस के अवसर पर किया गया जिसे जुलाई माह के अंतिम रविवार को मनाया जाता है। महाविद्यालय का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति और बच्चे, महिला व बुजुर्गों के लिए कार्य करना प्राथमिकता है। यह महाविद्यालय पारंपरिक महाविद्यालयों से बिल्कुल अलग और भिन्न है।

महाविद्यालय समाज के विकास में योगदान देने वाले युवक-यवतियों को शिक्षित-प्रशिक्षित कर सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में तैयार करने के मिशन पर अग्रसर है। यह महाविद्यालय समाज कार्य, व्यवसाय एवं व्यापार सूचना और प्रसार का स्नातक एवं स्नातकोत्तर की 5 साल की संयुक्त पढ़ाई उपलब्ध कराएगा।

महाविद्यालय में पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम, विश्वविद्यालय योजना आयोग द्वारा प्रमाणित और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण विकास परिषद, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा अनुमोदित एवं तैयार किया गया है। महाविद्यालय में बीबीए, एमबीए, बीएसडब्ल्यू, एमएसडब्ल्यू, बीजेएमसी व एमजेएमसी की पढ़ाई कराई जायेगी। इच्छुक छा़त्र महाविद्यालय से प्रोस्पैक्टस प्राप्त कर सकते है। 1 अगस्त से कॉलेज के दाखिले शुरू हो जायेगे और 1 सितंबर से कक्षाओं का संचालन शुरू हो जायेगा।

क्या महाविद्यालय अपने आप पढ़ने वाले सभी छात्रों को बहुत ही अलग ढंग से तैयार करने वाला हैः-
4 साल के स्नातकों को पढ़ाई के बाद पांचवी साल में सभी छात्रों को 10 से 15000/- रूपये का मानदेय दिया जाएगा पांचवी साल के पहले 6 महीने में छात्रों को शोधकर्ता बेहतर नौकरी पाने का मौका या अपना रोजगार शुरू करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा या उनको बेहतर भविष्य बनाने एवं समाज के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा। 5 साल के अंतिम वर्ष के अंतिम सेमेस्टर में सभी छात्र छात्राओं को विदेश में शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रोग्राम के तहत वैश्विक अनुभव के लिए अन्य देशों में ट्रेनिंग और इंटर्नशिप के लिए भेजा जाएंगा। इस दौरान उन्हें 1500 से 2500/- डॉलर का मानदेय प्राप्त होगा और वह एक वैश्विक अनुभव को लेकर वापस आएंगे। जो उनको देश में बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देगा और अपने भविष्य को भी सवारने का मौका प्रदान करेगा। 5 साल की पढ़ाई पूर्ण होने पर उन्हें डिग्री के साथ-साथ 5 साल का अनुभव प्रमाण पत्र भी मिलेगा।

महाविद्यालय का उद्घाटन मुख्यअतिथियों द्वारा फीता काटकर किया गया। इसके उपरान्त सभी मेहमानों ने मिलकर दीप प्रज्जवलन किया। इस अवसर पर इस्कान मंदिर द्वारका की संतों की टीम ने कीर्तन किया और फिर प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय व नॉन वाएलेंस फाउंडेशन के चेयरमैन शिव कुमार यादव, सचिव व डायरेक्टर बिरेन्द्र कुमार सोनी, कोषाध्यक्षा भावना शर्मा ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर रेखा शर्मा, अनुज मिश्रा, मुकेश भोगल, तनुश्री, हरीश कुमार, अनिल अरोड़ा व बिरंची सिंह ने भी उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

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